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अधिकारी जागते तो नहीं होता स्विस पर्यटकों पर हमला, ये रही बड़ी वजह
प्रमोद सिंघल/अमर उजाला फतेहपुर सीकरी (आगरा)
Updated Fri, 27 Oct 2017 01:45 PM IST
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घटना के दिन इलाज कराते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में फतेहपुर सीकरी वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। यहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम न के बराबर हैं। बुलंद दरवाजे के अलावा यहां पर्यटक आसपास भी घूमने जाते हैं। अधिकारियों ने आज तक सुरक्षा के लिए कोई प्लान तैयार नहीं किया है।
22 अक्टूबर को स्विस पर्यटकों को पत्थर मारने की घटना उस समय हुई, जब वे यहां महाराजा टोडरमल की बाराद्वारी देखने के बाद लौट रहे थे। अकबर के नवरत्नों में से एक राजा टोडरमल की बाराद्वारी फतेहपुर सीकरी में तेहरा दरवाजा और ग्वालियर दरवाजा के मध्य रेलवे लाइन के पास स्थित है।
इसे अक्सर कर सीकरी स्मारकों के गहन अवलोकन के लिए आने वाले पर्यटक झाड़ियों और ऊबड़ खाबड़ रास्तों से होकर देखने जाते हैं। स्विस पर्यटक क्वांटम क्लार्क और मैरी ड्रॉग भी वहीं गए थे। लौटते समय उन पर हमला हुआ। मामले के मुख्य आरोपी ने पुलिस के सामने ये बात स्वीकार की है।
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22 अक्टूबर को स्विस पर्यटकों को पत्थर मारने की घटना उस समय हुई, जब वे यहां महाराजा टोडरमल की बाराद्वारी देखने के बाद लौट रहे थे। अकबर के नवरत्नों में से एक राजा टोडरमल की बाराद्वारी फतेहपुर सीकरी में तेहरा दरवाजा और ग्वालियर दरवाजा के मध्य रेलवे लाइन के पास स्थित है।
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इसे अक्सर कर सीकरी स्मारकों के गहन अवलोकन के लिए आने वाले पर्यटक झाड़ियों और ऊबड़ खाबड़ रास्तों से होकर देखने जाते हैं। स्विस पर्यटक क्वांटम क्लार्क और मैरी ड्रॉग भी वहीं गए थे। लौटते समय उन पर हमला हुआ। मामले के मुख्य आरोपी ने पुलिस के सामने ये बात स्वीकार की है।
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अमर उजाला ने चेताया था
फतेहपुर सीकरी में राजा टोडरमल की बाराद्वारी
- फोटो : अमर उजाला
बता दें विगत 29 सितंबर को अमर उजाला ने फतेहपुर सीकरी में राजा टोडरमल की बाराद्वारी की दुर्दशा और वहां जाने के लिए कोई संपर्क मार्ग न होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। मगर, तब अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। अधिकारी अगर जागते तो शायद ये हमला नहीं होता।
और तो और फतेहपुर सीकरी में हमले का यह पहला मामला नहीं है। फतेहपुर सीकरी स्थित शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में कई बार लपके भी ऐसी घटना कर चुके हैं। वे पर्यटकों पर मुंहमांगे दाम में चादर खरीदने के लिए दबाव बनाते हैं। चादर सलीम चिश्ती की दरगाह पर चढ़ाई जाती है। पर्यटक लपकों की न मानें तो उन पर हमला तक कर दिया जाता है।
और तो और फतेहपुर सीकरी में हमले का यह पहला मामला नहीं है। फतेहपुर सीकरी स्थित शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में कई बार लपके भी ऐसी घटना कर चुके हैं। वे पर्यटकों पर मुंहमांगे दाम में चादर खरीदने के लिए दबाव बनाते हैं। चादर सलीम चिश्ती की दरगाह पर चढ़ाई जाती है। पर्यटक लपकों की न मानें तो उन पर हमला तक कर दिया जाता है।
स्विस महिला के साहस से पकड़े गए हमलावर
मोबाइल से लिए गए फोटो
- फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर सीकरी में 22 अक्तूबर को स्विस जोड़े पर हुए हमले के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही रही। एक तो पहले यह केस एनसीआर में दर्ज किया। दूसरा हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए जरा भी प्रयास नहीं किए।
मामला तूल पकड़ जाने पर भी गिरफ्तारी इसलिए संभव हो पाई क्योंकि घायल मैरी ड्रॉग ने पत्थर लगने के बावजूद मोबाइल से हमलावरों के फोटो खींच लिए। ये फोटो पुलिस को दे दिए। इसके बाद पुलिस ने उनकी पहचान दी। ताबड़तोड़ दबिश देकर गिरफ्तारी की।
दूसरी ओर जिस समय यह घटना हुई, वहां आस पास कई लोग मौजूद थे। हमलावर पत्थर फेंककर हंस रहे थे। आसपास से कोई भी उनकी मदद के लिए नहीं आया। वे लोग घटना की वीडियो बनाने में लगे रहे।
मामला तूल पकड़ जाने पर भी गिरफ्तारी इसलिए संभव हो पाई क्योंकि घायल मैरी ड्रॉग ने पत्थर लगने के बावजूद मोबाइल से हमलावरों के फोटो खींच लिए। ये फोटो पुलिस को दे दिए। इसके बाद पुलिस ने उनकी पहचान दी। ताबड़तोड़ दबिश देकर गिरफ्तारी की।
दूसरी ओर जिस समय यह घटना हुई, वहां आस पास कई लोग मौजूद थे। हमलावर पत्थर फेंककर हंस रहे थे। आसपास से कोई भी उनकी मदद के लिए नहीं आया। वे लोग घटना की वीडियो बनाने में लगे रहे।
मोदी सरकार में कम हुए विदेशी पर्यटकों पर हमले: एनसीआरबी
हालांकि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद विदेशी पर्यटकों पर हमले के मामलों में कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक, 2014 के मुकाबले 2015 में ऐसे मामलों में 29.4 फीसदी कमी आई है। सन 2014 में जहां विदेशी पर्यटकों पर हमले के 384 मामले दर्ज किए गए वहीं 2015 में यह घटकर 271 हो गए।