{"_id":"5b79782e42c792464e1763e3","slug":"raksha-bandhan-sisters-buying-helmet-gifts-for-brother","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कान्हा की नगरी में अनूठी पहल, रक्षाबंधन पर बहनें देंगी भाइयों को ये 'गिफ्ट'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कान्हा की नगरी में अनूठी पहल, रक्षाबंधन पर बहनें देंगी भाइयों को ये 'गिफ्ट'
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
Updated Mon, 20 Aug 2018 10:38 AM IST
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रक्षाबंधन पर सजे बाजार।
- फोटो : अमर उजाला
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इस रक्षाबंधन पर भगवान कृष्ण की नगरी से एक अनूठी पहल शुरू हुई है। बहनों ने अभी से ही भाइयों पर हेलमेट खरीदने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वहीं जो छात्राएं स्कूटी चलाती हैं उनके भाइयों ने भी रक्षाबंधन पर बतौर उपहार हेलमेट देने की तैयारी कर ली है। कई युवतियों की जिद के आगे उनके पापा भी हेलमेट खरीदकर ला रहे हैं।
हर साल जाने कितने ही लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं। इनमें दोपहिया वाहन चालकों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। अधिकांश हादसों में मौत की जो वजह सामने आती है वह सिर में गंभीर चोट लगना है। यानी अगर हेलमेट लगाया होता तो जान बच सकती थी।
यूं तो हेलमेट की उपयोगिता समझाने के लिए समय समय पर अभियान चलते रहते हैं, लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर बहनों ने यह बीड़ा उठा लिया है। भक्ति अग्रवाल ने भी जिद पकड़ ली है कि वो अपने भाई को हेलमेट खरीदवाकर ही रहेगी। अपने पापा से भी कह दिया है कि रक्षा बंधन वाले दिन भैया को हेलमेट मिल जाना चाहिए।
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हर साल जाने कितने ही लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं। इनमें दोपहिया वाहन चालकों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। अधिकांश हादसों में मौत की जो वजह सामने आती है वह सिर में गंभीर चोट लगना है। यानी अगर हेलमेट लगाया होता तो जान बच सकती थी।
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यूं तो हेलमेट की उपयोगिता समझाने के लिए समय समय पर अभियान चलते रहते हैं, लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर बहनों ने यह बीड़ा उठा लिया है। भक्ति अग्रवाल ने भी जिद पकड़ ली है कि वो अपने भाई को हेलमेट खरीदवाकर ही रहेगी। अपने पापा से भी कह दिया है कि रक्षा बंधन वाले दिन भैया को हेलमेट मिल जाना चाहिए।
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ताकि महफूज रहे उनका भाई
होलीवाली गली निवासी हर्षित अग्रवाल का 11 जुलाई को कालेज से लौटते वक्त एक्सीडेंट हो गया था। लंबे इलाज के बाद स्वस्थ हुए हैं। अब हर्षित की बहन कनिष्का, राधिका ने हर्षित को हेलमेट देने का फैसला किया है। इन दोनों ने अपने दूसरे भाइयों से भी हेलमेट खरीदने की कहना शुरू कर दिया है।
कृष्णानगर निवासी अनु की शादी जयसिंहपुरा में हुई है। वो भाइयों को राखी बांधने के लिए अपने घर जाएंगी। अनु ने बताया कि राखी के साथ ही भाई के लिए हेलमेट भी खरीदना है। उनका भाई अंकित बंसल कालेज मोटरसाइकिल से जाता है।
भाई की सुरक्षा से बड़ी कोई चीज नहीं
जनरल गंज निवासी सुरभि मित्तल का भाई सचिन मित्तल छात्र है। वो बाइक से कॉलेज जाता है। क्योंकि अपनी दुकान भी है लिहाजा वहां भी बाइक से आना जाना होता है। सुरभि ने भी अपने भाई से हेलमेट खरीदने को कहा है। सुरभि का कहना है कि हेलमेट बेहद जरूरी है। हमारी सुरक्षा करता है।
बहन को खरीद कर देंगे हेलमेट
चंदनवन निवासी प्रहलाद कपूर दुकानदार हैं। उनकी बहन शिक्षिका है। प्रहलाद का कहना है कि उनकी बहन के पास पहले हेलमेट था लेकिन वह बहुत पुराना हो गया। लिहाजा वह लगाकर नहीं जाती हैं। अब वह इस रक्षाबंधन पर अपनी बहन को हेलमेट लाकर देंगे। कैंटीन से निकलवाने की सोच रहे हैं।
कृष्णानगर निवासी अनु की शादी जयसिंहपुरा में हुई है। वो भाइयों को राखी बांधने के लिए अपने घर जाएंगी। अनु ने बताया कि राखी के साथ ही भाई के लिए हेलमेट भी खरीदना है। उनका भाई अंकित बंसल कालेज मोटरसाइकिल से जाता है।
भाई की सुरक्षा से बड़ी कोई चीज नहीं
जनरल गंज निवासी सुरभि मित्तल का भाई सचिन मित्तल छात्र है। वो बाइक से कॉलेज जाता है। क्योंकि अपनी दुकान भी है लिहाजा वहां भी बाइक से आना जाना होता है। सुरभि ने भी अपने भाई से हेलमेट खरीदने को कहा है। सुरभि का कहना है कि हेलमेट बेहद जरूरी है। हमारी सुरक्षा करता है।
बहन को खरीद कर देंगे हेलमेट
चंदनवन निवासी प्रहलाद कपूर दुकानदार हैं। उनकी बहन शिक्षिका है। प्रहलाद का कहना है कि उनकी बहन के पास पहले हेलमेट था लेकिन वह बहुत पुराना हो गया। लिहाजा वह लगाकर नहीं जाती हैं। अब वह इस रक्षाबंधन पर अपनी बहन को हेलमेट लाकर देंगे। कैंटीन से निकलवाने की सोच रहे हैं।