{"_id":"66bf0a09f1d3ec42010504bf","slug":"rajadhiraj-and-keshavdev-sitting-in-the-dark-clouds-gave-darshan-to-the-devotees-2024-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura: चमकती-कड़कती बिजली, गरजते-बरसते मेघ...काली घटा में विराजे राजाधिराज और केशवदेव, दिए भक्तों को दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura: चमकती-कड़कती बिजली, गरजते-बरसते मेघ...काली घटा में विराजे राजाधिराज और केशवदेव, दिए भक्तों को दर्शन
Fri, 16 Aug 2024 01:42 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 16 Aug 2024 01:42 PM IST
सार
बृज प्रसिद्ध काली घटा में विराजमान होकर राजाधिराज ने दिए अपने भक्तों को दर्शन। इस दौरान प्रभु की एक झलक पाने के लिए भक्तों की भीड़ दर्शन को उमड़ती रही।
विज्ञापन
ठाकुर द्वारकाधीश मंदि
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मथुरा में पुष्टिमार्ग संप्रदाय के मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में बृहस्पतिवार की शाम को दशमी के दिन ठाकुर जी ने काली घटा (श्याम घटा) में विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन दिए। पूरे मंदिर प्रांगण को काले रंग के कपड़े से सजाया गया। मंदिर जगमोहन में फव्वारे गाय और घोड़े भी लगाए गए।
ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर के अंदर सजी काली घटा की मनोहर झांकी ने भक्तों का मन मोहा। केशवदेव के श्रीविग्रह की एक झलक पाने को भक्त आतुर दिखे। परिसर को श्याम वस्त्र, लता-पता और प्राकृतिक वृक्षावली से सजाया गया। भक्त कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। शाम चार बजे से देर रात तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ दर्शन को उमड़ती रही।
मंदिर में ठाकुर जी को वर्षा का अनुभव करवाने हेतु फव्वारे लगाए गए और पूरे मंदिर प्रांगण में बिजली की कड़कड़ाहट और चिड़ियों की चिड़चिड़ाहट गूंजती रहीं। यह काम पूरे श्रावण मास नियमित रूप से चलेगा। आज शाम को ठाकुर जी पवित्रा के हिंडोले में विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। इसके साथ ही ठाकुरजी स्वर्ण और रजत हिंडोले में भी प्रतिदिन विराजमान होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर के अंदर सजी काली घटा की मनोहर झांकी ने भक्तों का मन मोहा। केशवदेव के श्रीविग्रह की एक झलक पाने को भक्त आतुर दिखे। परिसर को श्याम वस्त्र, लता-पता और प्राकृतिक वृक्षावली से सजाया गया। भक्त कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। शाम चार बजे से देर रात तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ दर्शन को उमड़ती रही।
विज्ञापन
मंदिर में ठाकुर जी को वर्षा का अनुभव करवाने हेतु फव्वारे लगाए गए और पूरे मंदिर प्रांगण में बिजली की कड़कड़ाहट और चिड़ियों की चिड़चिड़ाहट गूंजती रहीं। यह काम पूरे श्रावण मास नियमित रूप से चलेगा। आज शाम को ठाकुर जी पवित्रा के हिंडोले में विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। इसके साथ ही ठाकुरजी स्वर्ण और रजत हिंडोले में भी प्रतिदिन विराजमान होते हैं।
विज्ञापन