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Agra News: सनातन धर्म रक्षक थे राजा मानसिंह
Sun, 21 Dec 2025 02:57 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 21 Dec 2025 02:57 AM IST
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खंदारी स्थित एक होटल में राजा मानसिंह अमर फाउंडेशन की ओर से राजा मानसिंह की जयंती की पूर्व संध्
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आगरा। खंदारी स्थित एक होटल में शनिवार को राजा मानसिंह आमेर फाउंडेशन की ओर राजा मानसिंह की 475वीं जयंती की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें वक्ताओं ने राजा मान सिंह के गौरवशाली इतिहास पर मंथन किया। उन्हें सनातन धर्म रक्षक राजा बताया।
वक्ता प्रो. बीडी शुक्ला ने कहा कि राजा मानसिंह आमेर के 24वें कछवाहा राजपूत राजा थे। अकबर के नवरत्नों में शामिल और सेना के प्रधान सेनापति थे। इसकी चर्चा होती है, लेकिन वह सनातन धर्म के रक्षक थे, इस पर कोई बात नहीं होती। उन्होंने 7,000 मंदिरों को बचाया और कई धार्मिक स्थलों का निर्माण करवाया, जिसमें वृंदावन का सात मंजिला कृष्णजी (गोविंद देव जी) का मंदिर सबसे महत्वपूर्ण है। फाउंडेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेंद्र सिंह निभेडा ने कहा कि देश में कुछ लोग राजा मान सिंह को जयचंद कहते हैं, लेकिन ऐसा कहने की कोई ठोस वजह नहीं है। मुगलों के पक्ष में लिखने वाले लेखकों ने सनातन धर्म में फूट डालने के लिए तरह तरह की भ्रांतियां पैदा की। राजा मानसिंह और महाराणा प्रताप को एक दूसरे का बैरी दिखाने का प्रयास किया गया, जबकि दोनों कभी एक दूसरे से लड़े ही नहीं। गोष्ठी में मेयर हेमलता दिवाकर, गिरिराज सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बलराम सिंह चौहान, संयोजक अजय राज सिंह कुशवाहा, रीना सिंह, रुबी शाक्य, पार्षद प्रवीना राजावत, जयपाल सिंह, भानु प्रताप सिंह, मधुकर चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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वक्ता प्रो. बीडी शुक्ला ने कहा कि राजा मानसिंह आमेर के 24वें कछवाहा राजपूत राजा थे। अकबर के नवरत्नों में शामिल और सेना के प्रधान सेनापति थे। इसकी चर्चा होती है, लेकिन वह सनातन धर्म के रक्षक थे, इस पर कोई बात नहीं होती। उन्होंने 7,000 मंदिरों को बचाया और कई धार्मिक स्थलों का निर्माण करवाया, जिसमें वृंदावन का सात मंजिला कृष्णजी (गोविंद देव जी) का मंदिर सबसे महत्वपूर्ण है। फाउंडेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेंद्र सिंह निभेडा ने कहा कि देश में कुछ लोग राजा मान सिंह को जयचंद कहते हैं, लेकिन ऐसा कहने की कोई ठोस वजह नहीं है। मुगलों के पक्ष में लिखने वाले लेखकों ने सनातन धर्म में फूट डालने के लिए तरह तरह की भ्रांतियां पैदा की। राजा मानसिंह और महाराणा प्रताप को एक दूसरे का बैरी दिखाने का प्रयास किया गया, जबकि दोनों कभी एक दूसरे से लड़े ही नहीं। गोष्ठी में मेयर हेमलता दिवाकर, गिरिराज सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बलराम सिंह चौहान, संयोजक अजय राज सिंह कुशवाहा, रीना सिंह, रुबी शाक्य, पार्षद प्रवीना राजावत, जयपाल सिंह, भानु प्रताप सिंह, मधुकर चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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