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रेलवे बोर्ड के इस फैसले से ट्रेन में सफर के दौरान अब यात्रियों को मिलेगा मुफ्त भोजन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 26 Jun 2018 02:21 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ट्रेनों के पेंट्रीकार से दिए जाने वाले खानपान में अक्सर ओवर रेटिंग की शिकायतें आती हैं। अब रेलवे ने नई स्कीम ‘नो बिल-फ्री फूड’ योजना लांच की है, यानी खाने का बिल नहीं तो पैसा नहीं।
रेलवे ने इसकी शुरुआत आगरा से गुजरने वाली केरला एक्सप्रेस से की है। जल्द ही इस योजना को पेंट्रीकार वाली सभी ट्रेनों में लागू किया जाएगा।
पेंट्रीकार के कर्मचारी खाना या नाश्ते में अब तय रेट से अधिक की वसूली नहीं कर सकेंगे। बिल नहीं देने की शिकायत पर यात्री को परोसा गया भोजन मुफ्त देना होगा।
प्रत्येक यात्री को बिल देने का नियम पहले से है, लेकिन अधिकतर ट्रेनों के पेंट्रीकार में इसका पालन नहीं कर रहे हैं। लगातार मिल रहीं शिकायतों के मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने यह कदम उठाया है।
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रेलवे ने इसकी शुरुआत आगरा से गुजरने वाली केरला एक्सप्रेस से की है। जल्द ही इस योजना को पेंट्रीकार वाली सभी ट्रेनों में लागू किया जाएगा।
पेंट्रीकार के कर्मचारी खाना या नाश्ते में अब तय रेट से अधिक की वसूली नहीं कर सकेंगे। बिल नहीं देने की शिकायत पर यात्री को परोसा गया भोजन मुफ्त देना होगा।
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प्रत्येक यात्री को बिल देने का नियम पहले से है, लेकिन अधिकतर ट्रेनों के पेंट्रीकार में इसका पालन नहीं कर रहे हैं। लगातार मिल रहीं शिकायतों के मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने यह कदम उठाया है।
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भारतीय रेलवे
यदि यात्री को खाने व नाश्ते का बिल नहीं दिया जाए तो इसकी शिकायत पेंट्रीकार के मैनेजर व ट्रेन में तैनात कोच कंडक्टर व कोच टीटीई से करें।
इसके बाद यात्री को भोजन का बिल नहीं चुकाना पड़ेगा। ट्रेनें कई राज्यों व जिलों के स्टेशनों से होकर गुजरती हैं। ऐसे में अलग-अलग तरह के यात्री अलग-अलग भाषा का भी उपयोग करते हैं।
इस नए नियम की जानकारी यात्रियों तक पहुंचे, इसके लिए रेलवे ने कई भाषाओं में स्टीकर लगाने का निर्णय लिया है।
इसमें तेलगू, उड़िया, हिंदी व अंग्रेजी से लेकर अन्य भाषाओं में यात्रियों को नए नियमों की जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। रेलवे ने 31 मार्च 2018 से पैंट्रीकार में बिल अनिवार्य कर दिया गया था।
इसके बाद यात्री को भोजन का बिल नहीं चुकाना पड़ेगा। ट्रेनें कई राज्यों व जिलों के स्टेशनों से होकर गुजरती हैं। ऐसे में अलग-अलग तरह के यात्री अलग-अलग भाषा का भी उपयोग करते हैं।
इस नए नियम की जानकारी यात्रियों तक पहुंचे, इसके लिए रेलवे ने कई भाषाओं में स्टीकर लगाने का निर्णय लिया है।
इसमें तेलगू, उड़िया, हिंदी व अंग्रेजी से लेकर अन्य भाषाओं में यात्रियों को नए नियमों की जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। रेलवे ने 31 मार्च 2018 से पैंट्रीकार में बिल अनिवार्य कर दिया गया था।