रैगिंग मामलाः पहले भेजे अश्लील मैसेज अब डिलीट करा रहे
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आगरा में एसएन मेडिकल कालेज प्रशासन पहली साल के एमबीबीएस छात्रों के साथ रैगिंग की घटना को दबाने में जुट गया है। एंटी रैगिंग सेल ने छात्रों के मोबाइल से अश्लील मैसेज डिलीट करा दिए हैं। आरोपी सीनियरों पर कार्रवाई के बजाए हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
बैच 2018 के छात्रों को सीनियरों ने व्हाटसएप पर सात पेज की गाइड लाइन जारी की थी। इसमें छोटे बाल, तय रंग के ड्रेस जूते, वाहन से न आने जैसी हिदायत दी। बाकी के छह पेजों पर शपथ पत्र, लड़कियों के प्रकार, मेडिकल कोर्स की अश्लील भाषा में परिभाषाएं गढ़ी थी।
एक-एक को फोन कर सीनियर एकांत स्थान पर बुलाकर पढ़वाते, विरोध करने वाले छात्रों को पीटा जाता था। घटना सामने आने के बाद कालेज प्रशासन में
हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एंटी रैगिंग सेल ने जूनियर छात्र को बुलाया। उनके मोबाइल जांचें और मैसेज भेजने वाले सीनियर छात्रों को भी बुलाया।
दोनों के मोबाइल से अश्लील मैसेज डिलीट कराकर दोबारा ऐसा न करने की हिदायत दी। जबकि यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार रैगिंग के आरोपों की
जांच कर लिखित में रिपोर्ट बनाई जाती।
रैगिंग के प्रति किया जागरूक, फ्रेशर पार्टी पर ग्रहण
रैगिंग की घटना पर प्राचार्य डॉक्टर जीके अनेजा ने सभी फैकल्टी और सीनियर छात्रों के साथ एलटी वन में बैठक कर रैगिंग के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सीनियरों से कहा कि रैगिंग की घटना हुई तो उनके अभिभावकों को बुलाया जाएगा। सस्पेंड भी किए जा सकते हैं।
इससे करियर चौपट हो जाएगा,माता-पिता के सपने टूट जाएंगे। उन्होंने जूनियर छात्रों से मित्रवत व्यवहार करने की सीख दी। इस घटना के बाद फ्रेशर पार्टी पर भी ग्रहण लग गया है। कालेज प्रशासन ने फ्रेशर पार्टी पर अभी रोक लगा दी है।
जूनियरों को दिए ग्रुप में जाने के निर्देश
रैगिंग से बचने के लिए एंटी रैगिंग सेल ने गाइड लाइन जारी की है। इसमें जूनियरों को अकेले कालेज में न घूमने, अपरिचित का फोन उठाने से बचने, अकेले न जाकर ग्रुप में जाने, सीनियरों के हास्टल के आसपास न जाने को कहा है। घटना पर एंटी रैगिंग सेल के हेल्प लाइन नंबर पर फोन करें।