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Agra: स्कूल वैन का रेडिएटर फटा, खौलते कूलेंट से झुलस गईं चार छात्राएं; राहगीरों ने की मदद

Tue, 23 Apr 2024 09:52 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 23 Apr 2024 09:52 AM IST
सार

स्कूल वैन के रेडिएटर का बॉल उछलने से छात्राओं पर खौलता हुआ कूलेंट गिरा तो वे चीख उठीं। ये देख राहगीर मददगार बन गए और बच्चों को वैन से बाहर निकाला। 
 

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radiator of the school van burst four girl students got burnt due to boiling coolant passersby helped
खौलते कूलेंट से झुलस गईं चार छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के हाथरस मार्ग पर सोमवार को ट्रांस यमुना स्थित जोंस मेरी स्कूल के विद्यार्थियों को लेकर जा रही वैन में हादसा हुआ। रेडिएटर का बॉल दबाव के कारण उछलने से करीब बैठीं छात्र-छात्राएं झुलस गईं। चीख-पुकार पर चालक ने वैन रोक दिया। राहगीरों ने बच्चों को बाहर निकाला। सूचना पर स्कूल प्रबंधन और बच्चों के अभिभावक पहुंच गए। झुलसी चार बच्चियों को प्राथमिक उपचार दिलाया गया।
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हादसा दोपहर तकरीबन 1:30 बजे हुआ। फाउंड्री नगर निवासी हाईस्कूल की छात्रा कृतिका, कक्षा तीन की छात्रा शांभवी, कक्षा 2 की छात्रा वंशिका और कक्षा 4 की छात्रा खुशबू झुलसीं। परिजन का कहना था कि चालक अनिल रोजाना 10-12 बच्चों को स्कूल से लेकर आता है। बच्चियां पिछले हिस्से में लगे रेडिएटर के पास सीटों पर बैठी थीं। घटना में पांच-छह अन्य बच्चों के शरीर पर भी खौलते कूलेंट के छींटे पड़ गए।

 
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इस मामले में स्कूल मैनेजर दिनेश खंडेलवाल ने बताया कि अनिल वाहन लेकर आ रहा था। वाहन में पीछे की तरफ रेडिएटर लगा है। उसका ढक्कन खुलने से हादसा हुआ था। खुशबू के पैर झुलस गए। बाकी को मामूली दिक्कत हुई।
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स्कूली वाहनों से हो रहे हादसे
शहर में स्कूली वाहनों से कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी खानापूर्ति कर रहे हैं। स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच तक नहीं होती है। क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जाता है। सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं होते हैं। चालकों की जांच नहीं होती है। हादसों के बाद स्कूल प्रबंधन अपना पल्ला तक झाड़ लेते हैं।

यह बरतें सावधानी
आरआई उमेश कटियार ने बताया कि वाहनों के इंजन को ठंडा करने के लिए रेडिएटर में कूलेंट डाला जाता है, ताकि वह तापमान को नियंत्रित रख सके। कई बार बॉल खराब होने के कारण लगातार रासायनिक प्रक्रिया से बॉल फट जाता है। इससे उसमें भरा कूलेंट लीक हो जाता है। इसके लिए रेडिएटर को चेक करते रहना चाहिए।
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