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क्वारंटीन सेंटर में प्रयोग किए ग्लब्स सड़क पर फेंके, दहशत
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मथुरा। क्वारंटीन मेडिकल स्टॉफ के प्रयोग के बाद सड़क और नाली में फेंके गए ग्लब्स।
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। क्वारंटीन सेंटर में प्रयोग किए गए ग्लब्स रमणरेती मार्ग पर बसेरा होटल के बाहर सड़क और नालियों में मिलने पर नगर निगम कॉलोनी के लोग दहशत में आ गए हैं। यह ग्लब्स किसने फेंके, यह अब कोई बताने को तैयार नहीं है। ग्लब्स एक नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में हैं। कॉलोनी के लोगों ने जिला प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की है।
नगर के रमणरेती मार्ग पर बसेरा होटल है। इस होटल में करीब 13 मेडिकल स्टाफ को क्वारंटीन कराया गया है। क्वारंटीन कराए गए मेडिकल स्टाफ के प्रयोग किए गए ग्लब्स सड़क और नाले में देखकर नगर निगम कॉलोनी के लोगों में दहशत फैल गई, वहीं उबाल भी साफ नजर आया। कॉलोनी के लोगों को अब चिंता सताने लगी है। स्थानीय निवासी पीवी गोस्वामी का कहना है कि यह ग्लब्स सड़क और नाली में किसने फेंके यह तो साफ नहीं है, पर इतना जरूर है कि ग्लब्स एक नहीं बल्कि 100 से 150 तक हैं। महामारी में लापरवाही से लोग चिंतित हैं। जिला प्रशासन इस महामारी में हो रही लापरवाही पर सख्ती से रोक लगाए।
सड़क पर फेंके ग्लब्स को छू रहे बंदर और जानवर
सड़क और नाली में फेंके गए ग्लब्स को बंदर छू रहे हैं। क्वारंटीन मेडिकल स्टाफ के प्रयोग किए गए यह ग्लब्स महामारी को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। ऐसा इसलिए कि बंदर और जानवर इन ग्लब्स पर मुंह तो मार रहे हैं, वहीं हाथों से छू भी रहे हैं। अगर किसी बंदर को यह बीमारी इन ग्लब्स के माध्यम से लग गई तो महामारी वृंदावन के लिए दिक्कत खड़ी कर देगी।
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नगर के रमणरेती मार्ग पर बसेरा होटल है। इस होटल में करीब 13 मेडिकल स्टाफ को क्वारंटीन कराया गया है। क्वारंटीन कराए गए मेडिकल स्टाफ के प्रयोग किए गए ग्लब्स सड़क और नाले में देखकर नगर निगम कॉलोनी के लोगों में दहशत फैल गई, वहीं उबाल भी साफ नजर आया। कॉलोनी के लोगों को अब चिंता सताने लगी है। स्थानीय निवासी पीवी गोस्वामी का कहना है कि यह ग्लब्स सड़क और नाली में किसने फेंके यह तो साफ नहीं है, पर इतना जरूर है कि ग्लब्स एक नहीं बल्कि 100 से 150 तक हैं। महामारी में लापरवाही से लोग चिंतित हैं। जिला प्रशासन इस महामारी में हो रही लापरवाही पर सख्ती से रोक लगाए।
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सड़क पर फेंके ग्लब्स को छू रहे बंदर और जानवर
सड़क और नाली में फेंके गए ग्लब्स को बंदर छू रहे हैं। क्वारंटीन मेडिकल स्टाफ के प्रयोग किए गए यह ग्लब्स महामारी को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। ऐसा इसलिए कि बंदर और जानवर इन ग्लब्स पर मुंह तो मार रहे हैं, वहीं हाथों से छू भी रहे हैं। अगर किसी बंदर को यह बीमारी इन ग्लब्स के माध्यम से लग गई तो महामारी वृंदावन के लिए दिक्कत खड़ी कर देगी।
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