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ताजमहल की खिड़की पर पहुंचा पांच फुट लंबा अजगर, सैलानियों में मची खलबली

Wed, 07 Apr 2021 12:08 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 07 Apr 2021 12:08 AM IST
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Python Rescue From Taj Mahal Ticket Counter
ताजमहल की टिकट खिड़की के पास से पकड़ा अजगर - फोटो : Wildlife SOS
ताजमहल की टिकट खिड़की पर मंगलवार को अजगर निकलने से खलबली मच गई। सैलानियों और वहां मौजूद स्टाफ भयभीत हो गए। वाइल्ड लाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पांस यूनिट को सूचित किया गया। टीम ने पांच फुट लंबे अजगर को रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
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ताजमहल पश्चिमी गेट स्थित टिकट खिड़की पर मंगलवार सुबह करीब पांच फुट लंबा अजगर (इंडियन राक पायथन) निकल आया। अजगर देखकर पर्यटक भयभीत हो गए। पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना वाइल्ड लाइफ एसओएस के हेल्पलाइन नंबर पर दी। दो सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम द्वारा अजगर को पकड़ने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। 
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वाइल्डलाइफ एसओएस को सूचना देने वाले पर्यटन पुलिस के कांस्टेबल, विद्याभूषण सिंह ने बताया कि पर्यटकों द्वारा टिकट खिड़की के पास अजगर को देखा गया था। इसकी सूचना दी और उनकी टीम ने समय रहते सांप को रेस्क्यू किया। वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि सांपों से जुड़े बचाव अभियान बेहद संवेदनशील होते हैं। टीम के रेस्क्यूअर प्रशिक्षित है, जो कि कुशलपूर्वक और सावधानी बरतते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देते हैं।


वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी, ने कहा, वर्षों से टीम ताजमहल परिसर से कई सांप और पक्षियों को रेस्क्यू करती आई है, क्योंकि यह ताज नेचर वॉक ग्रीन बेल्ट के करीब है, इसलिए यहां वन्यजीव अक्सर भटक कर आ जाते हैं।

बता दें कि इंडियन रॉक पायथन (अजगर) एक गैर विषैली सांप की प्रजाति है। ये मुख्य रूप से छोटे जानवर, चमगादड़, पक्षियों, छछूंदर, हिरण और जंगली सूअर को अपना आहार बनाते हैं और आमतौर पर भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका के जंगलों में पाए जाते हैं। इस प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत संरक्षित किया गया है और कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड स्पीशीज (CITES) के परिशिष्ट I के तहत सूचीबद्ध किया गया है।
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