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तीर्थनगरी के विकास को आंदोलन में कूदी आधी आबादी, भरी हुंकार
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कासगंज के सोरों में महिलाएं मुख्यमंत्री योगी के लिए लिखी पाती दिखातीं
- फोटो : KASGANJ
सोरों (कासगंज)। तीर्थनगरी सोरों के विकास को काफी दिनों से शंातिपूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन ‘पोस्टकार्ड अभियान’ में अब आधी आबादी ने पूरी ताकत लगा दी है। विकास के लिए महिलाएं भी आंदोलन में कूद पड़ी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को पाती लिखकर सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग उठाई है। साथ ही यह स्पष्ट किया है कि यदि सरकार तीर्थनगरी को विकसित करने में गंभीरता नहीं दिखाती है तो आंदोलन को और गति दी जाएगी।
तीर्थनगरी सोरों के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी। स्थानीय स्तर से प्रशासन ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भी तैयार कर भेज दी, लेकिन अब इस पर अमल नहीं हो रहा है। इस पर सोरों के लोग आंदोलन की राह पर हैं। भूपेश शर्मा के नेतृत्व में काफी दिनों से पोस्टकार्ड अभियान चलाया जा रहा है। अब तक इस अभियान को कुछ ही लोगों को सहयोग मिल रहा था, लेकिन अब महिलाएं भी इसमें बढ़चढ़ कर भाग ले रही हैं।
विकास से पहले नहीं थमेगा आंदोलन
समाजसेवी अनीता उपाध्याय ने बताया कि सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने से पहले कोई समझौता मंजूर नहीं है। आंदोलन ऐसे ही आगे बढ़ता रहेगा। महिलाएं पूरी तरह इस आंदोलन को सफल बनाएंगी। मंजुला अग्रवाल ने बताया कि सरकार सिर्फ सोरों के साथ छलावा कर रही है। हर हाल में सरकार को विकास की ओर ध्यान देने की जरूरत है। श्रृष्ठि गुप्ता, मोनिका ने भी विचार व्यक्त किए।
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तीर्थनगरी सोरों के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी। स्थानीय स्तर से प्रशासन ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भी तैयार कर भेज दी, लेकिन अब इस पर अमल नहीं हो रहा है। इस पर सोरों के लोग आंदोलन की राह पर हैं। भूपेश शर्मा के नेतृत्व में काफी दिनों से पोस्टकार्ड अभियान चलाया जा रहा है। अब तक इस अभियान को कुछ ही लोगों को सहयोग मिल रहा था, लेकिन अब महिलाएं भी इसमें बढ़चढ़ कर भाग ले रही हैं।
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विकास से पहले नहीं थमेगा आंदोलन
समाजसेवी अनीता उपाध्याय ने बताया कि सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने से पहले कोई समझौता मंजूर नहीं है। आंदोलन ऐसे ही आगे बढ़ता रहेगा। महिलाएं पूरी तरह इस आंदोलन को सफल बनाएंगी। मंजुला अग्रवाल ने बताया कि सरकार सिर्फ सोरों के साथ छलावा कर रही है। हर हाल में सरकार को विकास की ओर ध्यान देने की जरूरत है। श्रृष्ठि गुप्ता, मोनिका ने भी विचार व्यक्त किए।
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