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Agra: एसएन मेडिकल कॉलेज में लटकी योजनाएं...बजट पूरा, इलाज मिल रहा अधूरा
Sat, 09 Mar 2024 09:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 09 Mar 2024 09:08 AM IST
सार
एसएन में पांच साल में बर्न यूनिट शुरू नहीं हो पाई है। सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में भी ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 200 करोड़ रुपये से बनी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में उद्घाटन के करीब साल भर बाद भी ऑपरेशन थिएटर नहीं बन पाए।
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एसएन मेडिकल कॉलेज का सुपर स्पेशियलिटी सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसएन मेडिकल कॉलेज में योजनाएं लटकने से मरीजों को अधूरा इलाज मिल रहा है। जले और एसिड अटैक के मरीजाें के लिए बर्न यूनिट 5 साल में शुरू नहीं हो पाई है। सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में कैथ लैब अभी तक नहीं बन पाई है। इन योजनाओं के लिए बजट पूरा मिल चुका है। इसके मरीजों को परेशानी हो रही है।
सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में कैथ लैब समेत पांच ऑपरेशन थिएटर बनने थे। इनमें चार महीने पहले एक ओटी बन गई है, बाकी अधूरी हैं। बर्न यूनिट नहीं बनने से जले और एसिड अटैक के मरीजों को उच्चस्तरीय इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बर्न यूनिट का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, उपकरणों की खरीद की जा रही है। सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में कार्यदायी संस्था से ओटी का कार्य तेजी से करने के लिए कहा है। कैथ लैब के लिए मशीनों की खरीद हो रही है। अगले एक-दो महीने तक पूर्ण सुविधाएं मिलने लगेंगी।
5 साल में शुरू नहीं हो पाई बर्न यूनिट
एसएन कॉलेज में 4.27 करोड़ रुपये से जुलाई 2019 में बर्न यूनिट का टेंडर हुआ। इसका कार्य जुलाई 2020 तक पूरा करना था। कोरोना महामारी के कारण सालभर काम बंद रहा। मार्च 2024 तक ये शुरू नहीं हो पाई है। इसमें 30 बेड का आइसोलेशन वार्ड और जले हुए मरीजों की प्लास्टिक सर्जरी की सुविधा के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी बनता। 5 साल में ये शुरू नहीं हो पाने से अभी सर्जरी विभाग में 10 बेड के वार्ड में जले हुए मरीजों का इलाज हो रहा है।
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200 करोड़ की इमारत में शुरू नहीं हुए ऑपरेशन
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 200 करोड़ रुपये से बनी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में उद्घाटन के करीब साल भर बाद भी ऑपरेशन थिएटर नहीं बन पाए। कैथ लैब का अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे हृदय रोग के मरीजों की ओपीडी ही चल रही है। कैथ लैब के अलावा 4 ऑपरेशन थिएटर और बनने थे, जिसमें दिमाग, किडनी, लिवर समेत अन्य गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन की मरीजों को सुविधा मिलती। हर बार ऑपरेशन थिएटर बनने की तारीख आगे बढ़ाई जा रही है।
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सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में कैथ लैब समेत पांच ऑपरेशन थिएटर बनने थे। इनमें चार महीने पहले एक ओटी बन गई है, बाकी अधूरी हैं। बर्न यूनिट नहीं बनने से जले और एसिड अटैक के मरीजों को उच्चस्तरीय इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बर्न यूनिट का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, उपकरणों की खरीद की जा रही है। सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में कार्यदायी संस्था से ओटी का कार्य तेजी से करने के लिए कहा है। कैथ लैब के लिए मशीनों की खरीद हो रही है। अगले एक-दो महीने तक पूर्ण सुविधाएं मिलने लगेंगी।
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5 साल में शुरू नहीं हो पाई बर्न यूनिट
एसएन कॉलेज में 4.27 करोड़ रुपये से जुलाई 2019 में बर्न यूनिट का टेंडर हुआ। इसका कार्य जुलाई 2020 तक पूरा करना था। कोरोना महामारी के कारण सालभर काम बंद रहा। मार्च 2024 तक ये शुरू नहीं हो पाई है। इसमें 30 बेड का आइसोलेशन वार्ड और जले हुए मरीजों की प्लास्टिक सर्जरी की सुविधा के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी बनता। 5 साल में ये शुरू नहीं हो पाने से अभी सर्जरी विभाग में 10 बेड के वार्ड में जले हुए मरीजों का इलाज हो रहा है।
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200 करोड़ की इमारत में शुरू नहीं हुए ऑपरेशन
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 200 करोड़ रुपये से बनी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में उद्घाटन के करीब साल भर बाद भी ऑपरेशन थिएटर नहीं बन पाए। कैथ लैब का अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे हृदय रोग के मरीजों की ओपीडी ही चल रही है। कैथ लैब के अलावा 4 ऑपरेशन थिएटर और बनने थे, जिसमें दिमाग, किडनी, लिवर समेत अन्य गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन की मरीजों को सुविधा मिलती। हर बार ऑपरेशन थिएटर बनने की तारीख आगे बढ़ाई जा रही है।