आगरा: वर्ष 2010 से अब तक की शिक्षक भर्तियों की जांच शुरू, विभाग में मचा हड़कंप
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आगरा जिले के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 से अब तक हुई शिक्षक भर्तियों की जांच शुरू हो गई है। शासन से जिले स्तर पर गठित चार सदस्यीय समिति इसकी जांच कर रही है। अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति समिति के अध्यक्ष हैं।
जांच समिति की पहली बैठक सितंबर 2018 को होनी थी। लेकिन बैठक टलने के कारण यह पांच अक्तूबर को हो सकी। इस बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी से सभी भर्तियों का रिकॉर्ड मांगा गया। दूसरी बैठक 23 नवंबर को होगी। इसमें प्रत्येक भर्ती में जारी की गई अंतिम सूची आदि का ब्योरा देना होगा।
संबंधित वर्षों में नियुक्त शिक्षकों की संख्या और कोषागार से जारी किए जा रहे वेतन का मिलान किया जाना है। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 से अब तक आठ भर्तियों में जिले के 2071 पदों पर नियुक्तियां हुई हैं।
उर्दू बीटीसी शिक्षक भर्ती की भी होगी जांच
वर्ष 2015 में 60-70 उर्दू बीटीसी शिक्षकों की भर्ती हुई थी। इन सभी की भी जांच होनी है। स्कूलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि सभी नियुक्तियों का रिकार्ड तैयार कराया जा रहा है। अगली बैठक में इसे समिति के समक्ष रखा जाएगा। इसी में तय किया जाना है कि जांच कैसे और कब पूरी की जानी है।
एडीएम भूमि अध्याप्ति के नेतृत्व में समिति कर रही जांच
जांच समिति के अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति हैं। समिति में एसपी सिटी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और मुख्य कोषाधिकारी भी शामिल हैं। पहली बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भी शामिल हुए।
मथुरा में कई शिक्षक भर्तियों में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद शासन स्तर से प्रदेश के सभी जिलों में वर्ष 2010 से अब तक हुई नियुक्तियों के जांच के आदेश जारी किए थे। शासन स्तर से ही समिति बनाई गई थी। जिले में अब जांच प्रक्रिया शुरू हो पाई है।
अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति एसपी सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों से वर्ष 2010 से अब तक जिले में हुई शिक्षकों की भर्तियों का रिकॉर्ड मांगा गया है। 23 नवंबर को अगली बैठक बुलाई गई है। इसमें तय किया जाएगा कि जांच की क्या प्रक्रिया अपनाई जानी है।