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फिरोजाबाद: प्रमुख सचिव ने जाना डेंगू मरीजों का हाल, चिकित्सकों को दिए बेहतर उपचार के निर्देश
Sat, 04 Sep 2021 06:57 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 04 Sep 2021 06:57 PM IST
सार
फिरोजाबाद में प्रमुख सचिव चिकित्सा, शिक्षा आलोक कुमार ने सौ शैय्या अस्पताल का निरीक्षण किया। मरीजों एवं उनके तीमारदारों से बात की। उन्होंने राजकीय मेडिकल कालेज की प्राचार्य एवं चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। 193 करोड़ की लागत से बन रहे अस्पताल के दो फ्लोर तैयार कर शीघ्र चालू करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए गए। इस दौरान उन्होंने मरीजों के घर जाकर उनका हाल भी जाना।
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डेंगू मरीज के तीमारदार से जानकारी लेते प्रमुख सचिव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फिरोजाबाद में शनिवार को प्रमुख सचिव चिकित्सा, शिक्षा आलोक कुमार ने सौ शैय्या में बने सभी बच्चा वार्डों को एक-एक करके निरीक्षण किया। अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे व फोटोथैरेपी मशीनों के साथ नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निरीक्षण किया। चिकित्सकों को वायरल बुखार की रोकथाम के आदेश दिए। इस दौरान नगर विधायक मनीष असीजा, डीएम चंद्रविजय सिंह, एसडीएम सदर राजेश कुमार वर्मा, एसीएमओ डा. बीपी कौशिक, नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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मरीजों के घर जाकर जाना हाल
प्रमुख सचिव ने कारीखेड़ा निवासी मोनू व उदयवीर, टूंडला के आशीष, सत्यनगर टापाकलां निवासी लकी, हिमायूंपुर की पूजा एवं कोटला के लक्ष्मी से उपचार के संबंध में बातचीत की। परिजनों से उनका स्वास्थ्य जाना। इसके बाद 193 करोड़ की लागत से उत्तर प्रदेश निर्माण निगम द्वारा बनाए जा रहे अस्पताल को दो फ्लोर तैयार करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा को 200 बेड डलवाए जाने की हिदायत दी। प्रमुख सचिव सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र हिमायूंपुर पहुचे। प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि पहले अपने स्तर से उपचार करे। आवश्यकता पड़ने पर सौ शैय्या अस्पताल भेजें। ताकि वहां अधिक भार नहीं बढ़ने पाए।
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एंबुलेंस मंगाकर बीमार बच्चों को भिजवाया अस्पताल
प्रमुख सचिव आलोक कुमार जब सैलई के अब्बास नगर क्षेत्र का भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान कई बुखार से पीड़ितों के घरों में देखने पहुंचे। उन्होंने इन क्षेत्रों में लगाए स्वास्थ्य कैंप की जानकारी ली। घरों में जाकर बीमार लोगों को देखा। भ्रमण के दौरान आठ वर्षीय बालिका हाशमी एवं पड़ोस में 11 वर्षीय जीनत बुखार से पीड़ित दिखी। प्रमुख सचिव ने तत्काल मौके पर एंबुलेंस बुलाकर दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
सचिव ने कराई ब्लड की व्यवस्था
हिमायूंपुर पीएचसी का निरीक्षण करने के दौरान आलोक कुमार के पास भीमनगर निवासी दिव्या की मां पहुंची। महिला ने बिलखते हुए कहा कि साहब मेरी बेटी दिव्या का आगरा में उपचार चल रहा है। उसे डेंगू है, प्लेटलेट्स काफी कम हो गई है। उसे आगरा मे ब्लड नहीं मिल पा रहा है। प्रमुख सचिव ने महिला की पीढ़ा को समझा और आगरा फोन करके तत्काल ब्लड की उपलब्धता कराई।
निरीक्षण के दौरान तीमारदारों को रोका
प्रमुख सचिव आलोक कुमार राजकीय मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण करने पहुंचे तो तीमारदारों को प्रवेश नहीं दिया गया। निरीक्षण के समय तीमारदार अपने बच्चों के पास जाने की गुहार लगाते रहे लेकिन उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। बिहारी नगर निवासी संगीता सौ शैय्या वार्ड में भर्ती बेटी के पास जाने के लिए गुहार लगाती रही तो अनीता निवासी बरी का नगला को भी प्रवेश नहीं मिल सका। निरीक्षण के बाद तीमारदारों को प्रवेश दिया गया।
प्रमुख सचिव आलोक कुमार जब सैलई के अब्बास नगर क्षेत्र का भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान कई बुखार से पीड़ितों के घरों में देखने पहुंचे। उन्होंने इन क्षेत्रों में लगाए स्वास्थ्य कैंप की जानकारी ली। घरों में जाकर बीमार लोगों को देखा। भ्रमण के दौरान आठ वर्षीय बालिका हाशमी एवं पड़ोस में 11 वर्षीय जीनत बुखार से पीड़ित दिखी। प्रमुख सचिव ने तत्काल मौके पर एंबुलेंस बुलाकर दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
सचिव ने कराई ब्लड की व्यवस्था
हिमायूंपुर पीएचसी का निरीक्षण करने के दौरान आलोक कुमार के पास भीमनगर निवासी दिव्या की मां पहुंची। महिला ने बिलखते हुए कहा कि साहब मेरी बेटी दिव्या का आगरा में उपचार चल रहा है। उसे डेंगू है, प्लेटलेट्स काफी कम हो गई है। उसे आगरा मे ब्लड नहीं मिल पा रहा है। प्रमुख सचिव ने महिला की पीढ़ा को समझा और आगरा फोन करके तत्काल ब्लड की उपलब्धता कराई।
निरीक्षण के दौरान तीमारदारों को रोका
प्रमुख सचिव आलोक कुमार राजकीय मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण करने पहुंचे तो तीमारदारों को प्रवेश नहीं दिया गया। निरीक्षण के समय तीमारदार अपने बच्चों के पास जाने की गुहार लगाते रहे लेकिन उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। बिहारी नगर निवासी संगीता सौ शैय्या वार्ड में भर्ती बेटी के पास जाने के लिए गुहार लगाती रही तो अनीता निवासी बरी का नगला को भी प्रवेश नहीं मिल सका। निरीक्षण के बाद तीमारदारों को प्रवेश दिया गया।