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Agra News: प्रधानाचार्य ने भाई को फर्जी तरीके से बनवाया शिक्षक, 40 साल बाद खुला खेल
Sat, 08 Aug 2026 02:19 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 08 Aug 2026 02:19 AM IST
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आगरा। प्रधानाचार्य ने 40 वर्ष पूर्व प्रबंध समिति के सदस्य के रूप में अपने पद का दुरुपयोग कर अपने सगे भाई को शिक्षक पद पर नियुक्त करवा दिया। किसी को जानकारी न हो इसलिए दस्तावेज में सिर्फ मां का उल्लेख किया। भाई के रिटायर होने पर पूर्व प्रबंधक के नाम से दस्तावेज बनाकर फंड और अन्य सेवानिवृत्ति देयकों का भुगतान भी करा लिया। खंड शिक्षा अधिकारी ने थाना एकता में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इस मामले में तत्कालीन प्रधानाध्यापक महेंद्र सिंह लवानिया, उनके भाई दिनेश और कथित प्रबंधक नवीन पाराशर को नामजद किया गया है। मामला एकता थाना के तोरा क्षेत्र स्थित कविरत्न श्री सत्यनारायण जूनियर हाईस्कूल का है। यह विद्यालय नौवीं से बारहवीं कक्षा तक वित्तविहीन है। खंड शिक्षा अधिकारी बरौली अहीर जगत सिंह राजपूत ने बताया कि वर्ष 1985-86 में विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक महेंद्र सिंह लवानिया ने चयन समिति का सदस्य रहते हुए अपने सगे भाई दिनेश को सहायक अध्यापक बनवा दिया।
उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल नियमावली-1978 की धारा-6 का उल्लंघन करते हुए दिनेश सरकारी कोष से वेतन और अन्य वित्तीय लाभ लेते रहे। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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परिचित को प्रबंधक दिखा करवाया फंड का भुगतान
वर्ष 2021 में जब विद्यालय की वैध प्रबंध समिति ने इस फर्जीवाड़े का विरोध किया। इसके बाद तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने अपने परिचित नवीन पाराशर को अवैध रूप से प्रबंधक दिखा भाई दिनेश के सेवानिवृत्त होने पर मिलने वाले फंड और अन्य भुगतान करा दिए। जबकि नवीन पाराशर की प्रबंध समिति का कार्यकाल वर्ष 2019 में ही समाप्त हो चुका था। उस समय अनिल कुमार शर्मा विभाग से मान्यता प्राप्त स्कूल प्रबंधक थे। अनिल शर्मा ने मामले की शिकायत बीएसए से शिकायत की। इसके बाद मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी बरौली अहीर जगत सिंह राजपूत को दी गई थी।
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इस मामले में तत्कालीन प्रधानाध्यापक महेंद्र सिंह लवानिया, उनके भाई दिनेश और कथित प्रबंधक नवीन पाराशर को नामजद किया गया है। मामला एकता थाना के तोरा क्षेत्र स्थित कविरत्न श्री सत्यनारायण जूनियर हाईस्कूल का है। यह विद्यालय नौवीं से बारहवीं कक्षा तक वित्तविहीन है। खंड शिक्षा अधिकारी बरौली अहीर जगत सिंह राजपूत ने बताया कि वर्ष 1985-86 में विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक महेंद्र सिंह लवानिया ने चयन समिति का सदस्य रहते हुए अपने सगे भाई दिनेश को सहायक अध्यापक बनवा दिया।
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उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल नियमावली-1978 की धारा-6 का उल्लंघन करते हुए दिनेश सरकारी कोष से वेतन और अन्य वित्तीय लाभ लेते रहे। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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परिचित को प्रबंधक दिखा करवाया फंड का भुगतान
वर्ष 2021 में जब विद्यालय की वैध प्रबंध समिति ने इस फर्जीवाड़े का विरोध किया। इसके बाद तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने अपने परिचित नवीन पाराशर को अवैध रूप से प्रबंधक दिखा भाई दिनेश के सेवानिवृत्त होने पर मिलने वाले फंड और अन्य भुगतान करा दिए। जबकि नवीन पाराशर की प्रबंध समिति का कार्यकाल वर्ष 2019 में ही समाप्त हो चुका था। उस समय अनिल कुमार शर्मा विभाग से मान्यता प्राप्त स्कूल प्रबंधक थे। अनिल शर्मा ने मामले की शिकायत बीएसए से शिकायत की। इसके बाद मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी बरौली अहीर जगत सिंह राजपूत को दी गई थी।