आगरा: अब कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने की तैयारी, 18 माह से बंद है स्कूल
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की स्कूल में भौतिक रूप से पढ़ाई 22 मार्च 2020 से बंद है। 18 माह बाद एक सितंबर से इनकी कक्षाएं लगेगी।
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स्कूलों ने कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को भौतिक रूप से पढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। स्टाफ को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। कक्षाओं में विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की जा रही है। कोरोना से बचाव के लिए छोटे बच्चों की अधिक देखरेख की जरूरत होगी। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक भी विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की स्कूल में भौतिक रूप से पढ़ाई 22 मार्च 2020 से बंद है। 18 माह बाद एक सितंबर से इनकी कक्षाएं लगेगी। जबकि कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं 23 अगस्त से संचालित करने के आदेश जारी हो गए हैं। शिक्षक भी चाह रहे हैं कि विद्यार्थी आएं और उनको पढ़ाया। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से स्कूलों को सैनिटाइज कराया जाना चाहिए। स्कूलों में बिजली, पंखे, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
दिशा-निर्देशों के अनुरूप कक्षाओं का संचालन होगा
शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कक्षाओं का संचालन होगा। कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों को खोलने का आदेश सराहनीय है। इससे विद्यार्थी अवसाद, तनाव और अकेलेपन से बाहर आएंगे। - डॉ. सुशील गुप्ता, अध्यक्ष, अप्सा
चुनौती अधिक, सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा
कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई भौतिक रूप से शुरू कराने पर चुनौती अधिक होगी। उसी के अनुरूप तैयारी की जा रही है। विद्यार्थियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। - संजय तोमर, अध्यक्ष, नप्सा
अभिभावकों अभी बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं
बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है
कोरोना की तीसरी लहर आने की बात कही जा रही है। ऐसे में बच्चों को वैक्सीन लगे बिना स्कूलों का खुलना चिंताजनक है। बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है। - भव्या वार्ष्णेय, जयपुर हाउस
टीकाकरण पूरा होने के बाद स्कूल खोलना उचित
मेरा बेटा कक्षा दो में है। कोरोना वायरल की दो लहरों की जो त्रासदी परिवारों ने झेली है, उसको देखते हुए बच्चे को स्कूल भेजने के नाम पर डर लग रहा है। टीकाकरण पूरा होने के बाद स्कूल खोलना उचित होगा। - अदिति शर्मा, साकेत कॉलोनी
छोटे बच्चों का स्कूल खोलने में जल्दबाजी ठीक नहीं
मेरा बेटा कक्षा पांच में पढ़ता है। स्कूल खुलने पर बच्चे कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं कर पाएंगे। कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है। ऐसे में छोटे बच्चों के स्कूल खोलने में जल्दबाजी ठीक नहीं है। -डॉ. तपस्या, खंदारी
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