{"_id":"5ca795bbbdec222ffc35a40c","slug":"pregnant-woman-and-unborn-twins-die-at-ravi-hospital-familt-protest","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जुड़वा बच्चों और प्रसूता की अस्पताल में मौत, परिजनों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुड़वा बच्चों और प्रसूता की अस्पताल में मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Fri, 05 Apr 2019 11:26 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 05 Apr 2019 11:26 PM IST
विज्ञापन
मृतका का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली गेट स्थित रवि हास्पिटल में शुक्रवार को डिलीवरी के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक के इलाज में लापरवाही से मौत का आरोप लगाया। इसके बाद हंगामा किया। हास्पिटल आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डा. रविंद्र मोहन पचौरी का है। पुलिस का कहना है कि सीएमओ को जांच के लिए पत्र भेजा जाएगा।
इटावा के गांव माणिकपुर विशू निवासी सतीश चंद्र किसान हैं। उनकी पत्नी विनीता देवी (43) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। सतीश के रिश्तेदार अवनीश ने बताया कि उनके संतान नहीं हो रही थी। परिजनों ने बताया कि उन्होंने एक साल पहले दिल्ली गेट स्थित रवि हास्पिटल की चिकित्सक रजनी पचौरी से संपर्क किया था।
इस पर उन्होंने आईवीएफ पद्धति से इलाज के बाद बच्चे पैदा होने का आश्वासन दिया। इसके लिए आठ लाख रुपये तय हुए। सतीश चंद्र इलाज के लिए राजी हो गए। डा. रजनी पचौरी ने इलाज शुरू कर दिया। गुरुवार को पेट में दर्द हुआ। शुक्रवार को चिकित्सक ने फोन करके उन्हें विनीता को भर्ती करने के लिए कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा के गांव माणिकपुर विशू निवासी सतीश चंद्र किसान हैं। उनकी पत्नी विनीता देवी (43) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। सतीश के रिश्तेदार अवनीश ने बताया कि उनके संतान नहीं हो रही थी। परिजनों ने बताया कि उन्होंने एक साल पहले दिल्ली गेट स्थित रवि हास्पिटल की चिकित्सक रजनी पचौरी से संपर्क किया था।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने आईवीएफ पद्धति से इलाज के बाद बच्चे पैदा होने का आश्वासन दिया। इसके लिए आठ लाख रुपये तय हुए। सतीश चंद्र इलाज के लिए राजी हो गए। डा. रजनी पचौरी ने इलाज शुरू कर दिया। गुरुवार को पेट में दर्द हुआ। शुक्रवार को चिकित्सक ने फोन करके उन्हें विनीता को भर्ती करने के लिए कहा।
विज्ञापन
इस पर वह सुबह साढ़े छह बजे आगरा आए। विनीता को रवि हास्पिटल में भर्ती कराया। चिकित्सक ने विनीता को आईसीयू में भर्ती कर लिया। आरोप है कि चिकित्सक ने पति सतीश चंद्र को विनीता से मिलने नहीं दिया। शाम को तकरीबन छह बजे एक यूनिट ब्लड मंगवाया।
शाम तकरीबन साढ़े सात बजे डा. रजनी पचौरी ने बताया कि विनीता की मौत हो गई है। उसके जुड़वा बच्चे भी मर चुके हैं। थाना हरीपर्वत के इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार मान ने बताया कि तहरीर मिलने पर सीएमओ को जांच लिए भेजी जाएगी।
सीएमओ की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। डा. रजनी पचौरी का कहना है कि गंभीर हालत में महिला को लेकर आए थे। हृदय रोग विशेषज्ञ को भी दिखाया था। इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है।
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष और डॉ. हास्पिटल संचालक रविंद्र मोहन पचौरी का कहना है कि गर्भवती को परिजन जब अस्पताल लेकर आए तो उसे उच्च रक्तचाप था। गर्भ में ही शिशुओं की मृत्यु हो गई थी। शाम को महिला के कार्डिएक अरेस्ट होने पर दम तोड़ दिया। लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है। शव का पोस्टमार्टम कराने को भी कहा है।
शाम तकरीबन साढ़े सात बजे डा. रजनी पचौरी ने बताया कि विनीता की मौत हो गई है। उसके जुड़वा बच्चे भी मर चुके हैं। थाना हरीपर्वत के इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार मान ने बताया कि तहरीर मिलने पर सीएमओ को जांच लिए भेजी जाएगी।
सीएमओ की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। डा. रजनी पचौरी का कहना है कि गंभीर हालत में महिला को लेकर आए थे। हृदय रोग विशेषज्ञ को भी दिखाया था। इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है।
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष और डॉ. हास्पिटल संचालक रविंद्र मोहन पचौरी का कहना है कि गर्भवती को परिजन जब अस्पताल लेकर आए तो उसे उच्च रक्तचाप था। गर्भ में ही शिशुओं की मृत्यु हो गई थी। शाम को महिला के कार्डिएक अरेस्ट होने पर दम तोड़ दिया। लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है। शव का पोस्टमार्टम कराने को भी कहा है।