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स्वाइन फ्लू से बचना है तो छोड़नी होगी ये आदत
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 06 Sep 2017 10:11 AM IST
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बचाव ही बेहतर इलाज है। चिकित्सक मरीजों से यू हीं नहीं कहते। संक्रामक बीमारी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देख इंडियन मेडिकल एसोसिएशन लोगों को जागरूक कर रही है। लोगों को हाथ मिलाने से परहेज बरतने और दूर से नमस्ते की सीख दे रहे हैं।
एसएन मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड प्रभारी डा. प्रशांत प्रकाश बताते हैं कि कम से कम 5-6 फीट की दूरी से बात करें और हाथ मिलाने के बजाय दूर से ही अभिवादन करें तो ज्यादा बेहतर होगा। आईएमए अध्यक्ष डा. आरएस कपूर ने बताया कि हाथों के संपर्क में आने से स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक रहता है।
उन्होंने सदस्यों से अपने क्लीनिक-हास्पिटल पर यह जानकारी चस्पा करने को कहा है। आईएमए कोषाध्यक्ष डा. आलोक मित्तल ने बताया कि मरीजों को हाथ मिलाने, अनावश्यक रूप से हास्पिटल में न जाने जैसी जानकारियों के साथ लोगों को जागरूक कर रहे हैं। सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं।
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एसएन मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड प्रभारी डा. प्रशांत प्रकाश बताते हैं कि कम से कम 5-6 फीट की दूरी से बात करें और हाथ मिलाने के बजाय दूर से ही अभिवादन करें तो ज्यादा बेहतर होगा। आईएमए अध्यक्ष डा. आरएस कपूर ने बताया कि हाथों के संपर्क में आने से स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक रहता है।
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उन्होंने सदस्यों से अपने क्लीनिक-हास्पिटल पर यह जानकारी चस्पा करने को कहा है। आईएमए कोषाध्यक्ष डा. आलोक मित्तल ने बताया कि मरीजों को हाथ मिलाने, अनावश्यक रूप से हास्पिटल में न जाने जैसी जानकारियों के साथ लोगों को जागरूक कर रहे हैं। सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं।
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टाइप सी खतरनाक स्थिति
स्वाइन फ्लू में टाइप सी खतरनाक स्थिति है। इसमें मरीज की सांस फूलने लगती है, तेज बुखार आता है और कम नहीं होता। उन मरीजों के लिए और ज्यादा खतरनाक है, जो मधुमेह, हृदय रोग, लिवर, किडनी जैसी समस्याओं से ग्रसित हैं। या फिर उनकी आयु 65 साल से अधिक है।
एसएन के माइक्रोबायलॉजी विभागाध्यक्ष डा. अंकुर गोयल बताते हैं कि भीड़भाड़ वाले स्थानों से आने के बाद हाथों को मेडिकेयर साबुन से खूब रगड़ कर धोएं। ऐसा करने से स्वाइन फ्लू का वायरस नष्ट हो जाता है। खांसते हुए मरीज के संपर्क में न रहें, बच्चों को भी दूर रखें।
एसएन के माइक्रोबायलॉजी विभागाध्यक्ष डा. अंकुर गोयल बताते हैं कि भीड़भाड़ वाले स्थानों से आने के बाद हाथों को मेडिकेयर साबुन से खूब रगड़ कर धोएं। ऐसा करने से स्वाइन फ्लू का वायरस नष्ट हो जाता है। खांसते हुए मरीज के संपर्क में न रहें, बच्चों को भी दूर रखें।