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घोटालेबाज अफसरों ने कर्मचारियों की फंसाई पसीने की कमाई, जमा होते थे हर महीने इतने रुपये

Mon, 04 Nov 2019 12:09 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 04 Nov 2019 12:09 AM IST
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Praveen Gupta Arrested Uppcl Employees Fund Scam Update News
प्रवीण गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
पावर कार्पोरेशन कर्मचारियों के भविष्य निधि के घोटालेबाज अफसरों ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के भी 5,500 अफसर व कर्मचारियों के 77 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि फंसा दी है। मामला उजागर होने के बाद संबंधित लोगों की धड़कन बढ़ गई है।
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सरकार भले ही उनकी धनराशि पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा कर रही हो लेकिन वह भविष्य निधि में जमा अपनी रकम निकालने के रास्ते तलाशने में जुट गए हैं। 

दक्षिणांचल के भी कर्मचारियों का भी उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन अंशदायी भविष्य निधि ट्रस्ट में जीपीएफ जमा होता है। हर महीने लगभग 3.5 करोड़ रुपया जमा किया जाता है। ट्रस्ट में जमा कार्मिकों के जीपीएफ व सीपीएफ की धनराशि को निजी संस्था में नियम विरुद्ध निवेश करने का घोटाला मार्च, 2017 से दिसंबर, 2018 के बीच का है।
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इस अवधि में दक्षिणांचल की ओर से 77 करोड़ रुपया जीपीएफ में जमा किया गया था। घोटाले के आरोप में ट्रस्ट के तत्कालीन निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी और तत्कालीन सचिव प्रवीण गुप्ता को गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्रवीण गुप्ता वर्तमान में निलंबित चल रहे थे। वह दक्षिणांचल में महाप्रबंधक (वित्त) के पद थे। मगर, पदभार संभालने के दो दिन ही उन्हें घोटाले के आरोप में शासन ने निलंबित कर दिया था।  

इन जिलों के कर्मियों की फंसी रकम
आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, कानपुर, कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर।

तलाश रहे धनराशि निकालने के रास्ते
सेवानिवृत्ति के बाद के लिए पूंजी सुरक्षित रखने की दृष्टि से अधिकांश कर्मचारी अधिक से अधिक जीपीएफ में निवेश करते हैं। घोटाला उजागर होने के बाद बहुत से कर्मचारी अब धनराशि ट्रस्ट के पास नहीं रखना चाहते। इसे निकालने के लिए रास्ते निकाल रहे हैं। कोई बेटी की शादी, तो कोई घर बनाने के नाम पर धनराशि निकालने की सोच रहा है।

पैसा निकालने के लिए संपर्क कर रहे कर्मचारी
दक्षिणांचल के करीब साढ़े पांच हजार अधिकारियों और कर्मचारियों का हर महीने 3.5 करोड़ रुपये जीपीएफ में जमा होता है। मामला उजागर होने के बाद बहुत से कर्मचारी अपनी-अपनी धनराशि के बारे में जानकारी के लिए संपर्क कर रहे हैं। -शेष कुमार बघेल, स्टाफ आफीसर, दक्षिणांचल
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