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लापरवाहीः कचरे के ढेर में फेंके पीपीई किट, ग्लव्स और ब्लड बैग, किसानों में आक्रोश
Sun, 21 Jun 2020 12:31 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 21 Jun 2020 12:31 PM IST
सार
हेपेटाइटिस, एड्स के संक्रमण का भी खतरा
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कचरे के ढेर में फेंके पीपीई किट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में बरौली अहीर सब्जी मंडी के पास कचरे के ढेर में बायोमेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। यहां पीपीई किट, ग्लव्स, ब्लड बैग, सिरिंज आदि पड़े देखे तो किसानों ने इसकी वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर डाल दिए। खुले में वेस्ट फेंकने से संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा है। पहले भी बरौली अहीर सीएचसी के पास सड़क किनारे मेडिकल वेस्ट मिल चुका है।
बरौली अहीर सब्जी मंडी के पास झाड़ियों में काली पॉलिथीन के तीन-चार पैकेट पड़े हुए हैं। इसमें जानवरों ने खाने का सामान ढूंढने को कुरेदा तो उसमें पीपीई किट, ग्लव्स, सिरिंज, यूरिन-ब्लड बैग आदि मेडिकल वेस्ट था। यहां करीब आधा ट्रक मेडिकल वेस्ट पड़ा हुआ है।
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आसपास के लोगों ने बताया कि रात को आग लगाकर भी नष्ट कर देते हैं। यहां सब्जी लेकर किसान भी आते हैं, इससे संक्रमण का खतरा ज्यादा है। किसान नेता प्रदीप शर्मा का कहना है कि खुले में मेडिकल वेस्ट फेंकने से जानवर और लोगों में बीमारी फैल सकती है। वेस्ट फेंकने वालों पर कार्रवाई की जाए।
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बरौली अहीर सब्जी मंडी के पास झाड़ियों में काली पॉलिथीन के तीन-चार पैकेट पड़े हुए हैं। इसमें जानवरों ने खाने का सामान ढूंढने को कुरेदा तो उसमें पीपीई किट, ग्लव्स, सिरिंज, यूरिन-ब्लड बैग आदि मेडिकल वेस्ट था। यहां करीब आधा ट्रक मेडिकल वेस्ट पड़ा हुआ है।
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आसपास के लोगों ने बताया कि रात को आग लगाकर भी नष्ट कर देते हैं। यहां सब्जी लेकर किसान भी आते हैं, इससे संक्रमण का खतरा ज्यादा है। किसान नेता प्रदीप शर्मा का कहना है कि खुले में मेडिकल वेस्ट फेंकने से जानवर और लोगों में बीमारी फैल सकती है। वेस्ट फेंकने वालों पर कार्रवाई की जाए।
मेडिकल वेस्ट फेंकने वाले का पता किया जाएगा
कचरे के ढेर में मेडिकल वेस्ट फेंकने वाले की जानकारी करवाता हूं। ऐसा कोई करता मिले तो इसकी शिकायत कार्यालय में कोई भी कर सकता है।-डॉ. आरसी पांडेय, सीएमओ
हेपेटाइटिस, एड्स के संक्रमण का भी खतरा
कोरोना वायरस चल रहा है, अगर किसी वेस्ट में संक्रमित मरीज के इलाज में पीपीई किट इस्तेमाल की है तो उससे कोरोना का खतरा है। हेपेटाइटिस, एड्स रोगी के इलाज में प्रयुक्त सिरिंज के चुभने से हेपेटाइटिस, एड्स का खतरा भी रहता है।
निजी अस्पतालों में भी लापरवाही, पॉली बैग में नहीं कर रहे पैक
मेडिकल वेट निस्तारण में निजी अस्पतालों में भी लापरवाही बरती जा रही है। नॉन मेडिको वाले अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट को मानक के अनुसार पॉली बैग या फिर अलग-अलग रंग के डिब्बों में नहीं रखा जा रहा। इन पर कोविड और नॉन कोविड मेडिकल वेस्ट का लेवल भी नहीं होता है। मेडिकल वेस्ट उठाने वाली कंपनी ने आईएमए और सीएमओ को भी इसकी शिकायत की है।
मेडिकल वेस्ट उठाने वाले कंपनी जेआरआर वेस्ट मैनेजमेंट के निदेशक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि कई अस्पतालों में वेस्ट एक ही बैग में मिलता है, कोविड-नॉन कोविड का लेबल नहीं होता। इससे संक्रमण का खतरा है। आईएमए को पत्र भी लिख चुके हैं। आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी का कहना है कि सभी अस्पताल संचालकों को मेडिकल वेस्ट मानक के अनुरूप एकत्रित करने के निर्देश दे दिए हैं।
कचरे के ढेर में मेडिकल वेस्ट फेंकने वाले की जानकारी करवाता हूं। ऐसा कोई करता मिले तो इसकी शिकायत कार्यालय में कोई भी कर सकता है।-डॉ. आरसी पांडेय, सीएमओ
हेपेटाइटिस, एड्स के संक्रमण का भी खतरा
कोरोना वायरस चल रहा है, अगर किसी वेस्ट में संक्रमित मरीज के इलाज में पीपीई किट इस्तेमाल की है तो उससे कोरोना का खतरा है। हेपेटाइटिस, एड्स रोगी के इलाज में प्रयुक्त सिरिंज के चुभने से हेपेटाइटिस, एड्स का खतरा भी रहता है।
निजी अस्पतालों में भी लापरवाही, पॉली बैग में नहीं कर रहे पैक
मेडिकल वेट निस्तारण में निजी अस्पतालों में भी लापरवाही बरती जा रही है। नॉन मेडिको वाले अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट को मानक के अनुसार पॉली बैग या फिर अलग-अलग रंग के डिब्बों में नहीं रखा जा रहा। इन पर कोविड और नॉन कोविड मेडिकल वेस्ट का लेवल भी नहीं होता है। मेडिकल वेस्ट उठाने वाली कंपनी ने आईएमए और सीएमओ को भी इसकी शिकायत की है।
मेडिकल वेस्ट उठाने वाले कंपनी जेआरआर वेस्ट मैनेजमेंट के निदेशक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि कई अस्पतालों में वेस्ट एक ही बैग में मिलता है, कोविड-नॉन कोविड का लेबल नहीं होता। इससे संक्रमण का खतरा है। आईएमए को पत्र भी लिख चुके हैं। आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी का कहना है कि सभी अस्पताल संचालकों को मेडिकल वेस्ट मानक के अनुरूप एकत्रित करने के निर्देश दे दिए हैं।