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अनदेखी: 20 हजार स्कूली बच्चों की राह में 'खतरनाक' गड्ढे, हादसे का बन सकते हैं सबब

Thu, 16 Jan 2020 10:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 16 Jan 2020 10:07 AM IST
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potholes on the roads in agra
शहर की सड़कों का हाल - फोटो : अमर उजाला
आगरा में ग्वालियर मार्ग पर सड़क के गड्ढे ने महिला की जान ले ली। केवल ग्वालियर मार्ग नहीं, बल्कि शहर की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। खासकर सिकंदरा क्षेत्र में, जहां 6 स्कूल, कॉलेजों के 20 हजार से ज्यादा बच्चे ऐसी गड्ढों भरी सड़क से होकर निकलते हैं, जहां सड़क के नाम पर डामर तलाशना कठिन है। 
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मुख्यमंत्री ने गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए तारीख तय की, पर एडीए की शास्त्रीपुरम योजना में शामिल 80 फुट चौड़ी सड़क के गड्ढे मियाद खत्म होने के बाद भी नहीं भरे गए। ऐसे में गड्ढायुक्त सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं है। 
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इन कॉलोनियों के मार्गों पर गड्ढे ही गड्ढे 

अन्ना आइकॉन से अमल गार्डन वाली सड़क पर नौ कॉलोनियां हैं। यहां से नौ स्कूलों के 20 हजार से ज्यादा बच्चे निकलते हैं। ऋषि पुरम, शिवम एलीगेंट के सामने गड्ढों से बचने के चक्कर में ज्यादातर हादसे होते हैं, तो वहीं नारायण विहार गेट के सामने 2 फुट गहराई के कई गड्ढे हैं। 
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मनहर गार्डन के सामने से लेकर चौराहे तक 100 से ज्यादा बड़े गड्ढे इस सड़क पर हैं। एडीए सचिव राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी का कहना है कि एडीए की माली हालत ठीक नहीं है। प्रमुख सड़कों को गड्डा मुक्त किया गया, पर यह शास्त्रीपुरम योजना की सड़क है। यहां सड़क पर पैचवर्क किया जाना है, कोशिश की जाएगी कि जल्द ही गड्ढा मुक्त कर दिया जाए। 

इन स्कूलों के बच्चों का निकलना मजबूरी
- सेंट फ्रांसिस कान्वेट स्कूल
- हिलमैन पब्लिक स्कूल
- चिल्ड्रंस प्रोग्रेसिव स्कूल
- लाइफ लाइन इंटर कॉलेज
- गायत्री पब्लिक स्कूल
- दिल्ली पब्लिक स्कूल

कारें खरीदने पर जोर, बच्चों की परवाह नहीं

एडीए के पास ताजमहल के पथकर से ही 55 करोड़ रुपये की कमाई हर साल होती है, लेकिन अफसरों का फोकस कारें, एसी और अपने ऑफिस को चमकाने में ज्यादा रहता है। सड़कों के गड्ढों को भरने की परवाह एडीए अफसरों को नहीं है। 

यही नहीं, इस रोड पर शिवम एलीगेंट, ऋषि पुरम, नारायण विहार आदि कॉलोनियां हैं, जिनसे डेवलपमेंट चार्ज तो लिया गया, पर एडीए ने सड़क तक नहीं बनाई। 16 करोड़ रुपये बीते साल एडीए ने सड़क निर्माण के नाम पर खर्च किए, फिर भी सड़कों की हालत बेहद खराब है।
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