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नौकरी को विदेश नहीं जाऊंगा

Fri, 16 Aug 2019 11:00 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Aug 2019 11:00 PM IST
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positive news in mainpuri
किशनी के बिरतिया गांव में कुबैत से पुत्र के लौटने के बाद मां आनंद का दुलार करती हुई। अमर उजाला - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी/किशनी। सऊदी अरब के रियाद में फंसा आनंद बाथम शुक्रवार को घर पहुंच गया। नौकरी के नाम पर विदेश में हुए उत्पीड़न के बारे में बताते-बताते उसकी आंखें नम हो गईं। रुंधे हुए गले से कहा, देश में भीख मांग लूंगा, लेकिन विदेश में नौकरी करने नहीं जाऊंगा।
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आपबीती सुनाते हुए बिरतिया निवासी आनंद बाथम ने बताया कि नौकरी की तलाश में वह इधर-उधर भटक रहा था। तभी उसकी मुलाकात लखनऊ निवासी मुमताज से हुई। सऊदी अरब में 90 हजार रुपये की नौकरी का लालच उसे दिया गया। यही लालच उसको दलालों के चंगुल में फंसाता चला गया।
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उससे नौकरी के कागजात और तीन साल का वीजा बनवाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये दलालों ने ठग लिए। 17 मार्च को रियाद पहुंचने के बाद उसे केमिकल फैक्टरी में नौकरी मिली। तीन महीने तक आज-कल वेतन देने का झांसा दिया जाता रहा। सिर्फ 38 सौ रुपये प्रतिमाह खाने के लिए दिए जाते थे। घर भेजने के लिए वेतन मांगा तो फैक्टरी मालिक ने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके कागजात छीन लिए गए और मारपीट करके जबरन काम कराया गया।
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28 जुलाई को उसे फैक्टरी से निकाल दिया गया। जेब खाली होने पर रियाद में भीख मांगकर पेट भरना पड़ा, रात वहां की सड़कों पर गुजारनी पड़ीं। हर समय फैक्टरी मालिक के लोग जानमाल की धमकी देते रहते थे। भारतीय दूतावास गया तो वहां भी शुरुआत में मदद नहीं मिली। बाद में जिला प्रशासन के सहयोग से उसकी बात सुनी गई और अब वह अपने घर पर है।
जेल भेजने की देते थे धमकी
आनंद ने बताया कि दलालों ने तीन साल का वीजा बनवाने का आश्वासन दिया था। जबकि उसे सिर्फ 90 दिन का टूरिस्ट वीजा ही दिया गया। फैक्टरी मालिक आए दिन धमकी देता था कि तुम्हारा टूरिस्ट वीजा का समय खत्म हो गया है, अब तुम्हे जेल जाना पड़ेगा।
यह है मामला
गांव बिरतिया निवासी आनंद बाथम (30) नौकरी के लिए 17 मार्च को सऊदी अरब गए थे। यहां रियाद शहर में उसे एक केमिकल फैक्टरी में नौकरी मिली, लेकिन उसे वेतन नहीं दिया गया। बार-बार वेतन मांगने पर फैक्टरी मालिक ने वीजा सहित अन्य कागजात छीन लिए और बंधक बनाकर काम करने को मजबूर कर दिया।
28 जुलाई को आनंद ने पत्नी के मोबाइल पर वीडियो बनाकर भेजा। इसमें उसने खुद के साथ ही उत्तर प्रदेश के छह युवकों को बंधक बनाए जाने की जानकारी दी। परिजनों से जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन युवक की वतन वापसी कराने के प्रयास में जुट गया था। जिलाधिकारी ने विदेश मंत्रालय के साथ ही भारतीय दूतावास से संपर्क किया। साथ ही एसपी ने तीन एजेंटों के खिलाफ एलाऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कलेजे से लगाकर फफक पड़ी मां
आनंद के उत्पीड़न की दास्तां सुनकर परिजन चिंता में डूबे हुए थे। शुक्रवार दोपहर आनंद जैसे ही घर पहुंचा तो पत्नी रानी सहित अन्य परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। वृद्ध मां हंसमुखी बेटे को कलेजे से लगाकर फफक पड़ी। बूढ़ी मां ने जवान बेटे को हिदायत दी, जो भी काम करना है यहीं करो, अब घर से दूर जाने की जरूरत नहीं है। ग्रामीणों ने विधायक बृजेश कठेरिया के साथ सरसई बंबा पर आनंद का स्वागत किया।

बिजनौर और गोरखपुर के युवक हैं बंधक
घर पहुंचे आनंद ने बताया कि विदेश भेजने वाले दलाल पहले ही वहां की कंपनियों से लेबर मुहैया कराने के बदले में मोटी रकम वसूल लेते हैं। बाद में जो युवक वहां नौकरी के लिए पहुंचते हैं उनका उत्पीडन होता है। अभी भी बिजनौर और गोरखपुर के दस युवक वहां बंधक हैं। आनंद ने बताया कि उसके साथ फतेहपुर के मुकेश तिवारी, बलरामपुर के रजबुद्दीन, उन्नाव के राहुल सक्सेना, सचिन और प्रमोद सक्सेना की वतन वापसी हुई है।
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