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गरीबी का दर्द: कुएं में गिरने से पति की मौत, पत्नी के पास कफन के लिए भी नहीं थे रुपये
Tue, 31 Mar 2020 03:50 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 31 Mar 2020 03:50 PM IST
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मृतक का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के बाह क्षेत्र में दिल को झकझोरने वाला मामला सामने आया है। यहां बकरी चराते समय एक गरीब युवक की कुएं में गिरकर मौत हो गई। लेकिन मृतक की पत्नी के पास कफन खरीदने के लिए भी रुपये नहीं थे। ग्रामीणों की मदद से युवक का अंतिम संस्कार हो सका।
बकरी हांकने के दौरान जरार निवासी क्रांति नगर में गौतम (30) की रविवार को कुएं में गिरकर मौत हो गई थी। हादसा उस वक्त हुआ जब एक बकरी खराब पड़े कुएं पर रखी करब पर चढ़ गई थी। उसे हांकने के प्रयास में गौतम बकरी समेत कुएं में गिर गया था।
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पर पहंचा तो अंतिम संस्कार के लिए खर्च की समस्या खड़ी हो गई। गौतम का परिवार बेहद गरीब है। वो और उसकी पत्नी अनीता किसी तरह अपने चार बच्चों का भरण पोषण कर रहे थे। पति की मौत के बाद अनीता के पास इतने रुपये नहीं थे कि वो कफन भी खरीद सके।
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बकरी हांकने के दौरान जरार निवासी क्रांति नगर में गौतम (30) की रविवार को कुएं में गिरकर मौत हो गई थी। हादसा उस वक्त हुआ जब एक बकरी खराब पड़े कुएं पर रखी करब पर चढ़ गई थी। उसे हांकने के प्रयास में गौतम बकरी समेत कुएं में गिर गया था।
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सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पर पहंचा तो अंतिम संस्कार के लिए खर्च की समस्या खड़ी हो गई। गौतम का परिवार बेहद गरीब है। वो और उसकी पत्नी अनीता किसी तरह अपने चार बच्चों का भरण पोषण कर रहे थे। पति की मौत के बाद अनीता के पास इतने रुपये नहीं थे कि वो कफन भी खरीद सके।
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ऐसे में पूर्व प्रधान शारदा सिंह ने शव ले जाने के लिए ट्रैक्टर और अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी का इंतजाम किया। जबकि भतीजे करतार सिंह ने अन्य सामान जुटाया। इसके बाद गांव के 10-12 लोगों की मौजूदगी में बेटे अरमान ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
झोपड़ी में रहने वाली मृतक की पत्नी अनीता 4 बच्चों गुलशन (7), अरमान (5), विजय नंदन (3), गुड्डू (1) की परवरिश को लेकर चिंतित है। गांव के लोगों का कहना है कि भगवान ऐसी गरीबी किसी को न दे। उन्होंने शासन-प्रशासन से अनीता और उसके बच्चों के भरण पोषण की मदद की गुहार लगाई है।
झोपड़ी में रहने वाली मृतक की पत्नी अनीता 4 बच्चों गुलशन (7), अरमान (5), विजय नंदन (3), गुड्डू (1) की परवरिश को लेकर चिंतित है। गांव के लोगों का कहना है कि भगवान ऐसी गरीबी किसी को न दे। उन्होंने शासन-प्रशासन से अनीता और उसके बच्चों के भरण पोषण की मदद की गुहार लगाई है।