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नौकरी का झांसा देकर लाई गईं युवतियों को दोस्तों ने था बेचा, मुक्त होने पर बताई 'ज्यादती' की कहानी

Tue, 06 Aug 2019 03:08 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 06 Aug 2019 03:08 AM IST
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police rescue girls from prostitution send Women protection house
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala Graphics
बसई (थाना ताजगंज) में छापा मारकर मुक्त कराई गईं 13 युवतियों में से नौ राजस्थान के बुंदी, टोंक और मनिया जिले की रहने वाली हैं। पुलिस की पूछताछ में इन युवतियों ने बताया कि मकान में उन्हें नौकरी और शादी का झांसा देकर मित्र और परिचित यहां लेकर आए थे। वह उन्हें बेचकर चले गए। मकान में बंधक बनाकर रखा जाता था।
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क्षेत्राधिकारी सदर विकास जायसवाल ने बताया कि मामले में उद्धार अधिकारी मिंदर सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 (सिट अधिनियम पुननिर्मित) की धारा 3, 4, 5, 6, 7, 8, धारा 342, 294 लगी हैं।
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रविवार को छापा मारकर मुक्त कराई गईं 13 युवतियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें नारी संरक्षण गृह भेजा गया है। दो संचालिका और तीन ग्राहकों को जेल भेज दिया गया है। छापे में पकड़ी गईं 13 में से चार बसई क्षेत्र, सात राजस्थान के बुंदी, एक टोंक और एक मनिया की रहने वाली हैं।
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पूछताछ में पता चला है कि राजस्थान की युवतियों को उनके मित्र और सहेली नौकरी एवं शादी का झांसा देकर यहां लाए थे। लाकर उन्हें बेच दिया गया। मकान में बंधक बनाकर रखा जाता था। घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी।

जब कभी कोई भागने का प्रयास करती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। एक व्यक्ति मकान के गेट पर रखवाली के लिए हर समय मौजूद रहता था। अपने घरवालों से भी बात नहीं करने दी जाती थी। कुछ युवतियां आर्थिक तंगी होने की वजह से फंस गईं थीं। सभी अपने घर जाना चाहती हैं।

इलाहाबाद की फ्रीडम फर्म संस्था की पदाधिकारी ने बताया कि वह एक महीने से बसई इलाके में रेकी कर रहे थे। जिन युवतियों को पहले देखा गया था, छापे के दौरान वह नहीं मिली हैं। इनमें कई नाबालिग भी थीं। कई युवतियों को मकान से दूर कर दिया गया। अब फिर से युवतियों की तलाश की जाएगी।

संचालिका और सह संचालिका लेती थीं 150-150 रुपये
पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला है कि एक संचालिका आगरा की ही रहने वाली है, जबकि दूसरी मनिया, राजस्थान की। यह सह संचालिका के रूप में रहती थी। युवतियों को यही खाना-पानी उपलब्ध कराती थी। एक ग्राहक के आने पर 150 रुपये संचालिका और 150 रुपये सह संचालिका लेती थी। दिन में कई ग्राहक आते थे। पुलिस ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, रुपये और मोबाइल भी बरामद किए हैं।
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