अनामिका प्रकरण में जांच तेज, तत्कालीन डीसी से पुलिस ने की एक घंटे पूछताछ
- पुलिस ने कई बिंदुओं पर तलब किए सवालों के जवाब
- चयन कमेटी के अन्य सदस्यों के भी बयान दर्ज करेगी पुलिस
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अनामिका शुक्ला के नाम हुए फर्जीवाड़े के मामले में कासगंज जिले की सोरों कोतवाली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने बालिका शिक्षा के तत्कालीन डीसी (जिला समन्वयक) से लगभग एक घंटे तक पूछताछ की है। उनके बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस चयन कमेटी के अन्य सदस्यों के भी बयान दर्ज करेगी। कमेटी के तत्कालीन अधिकारियों और सदस्यों को पत्र भेजकर जांच में सहयोग मांगा है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय फरीदपुर में वर्ष 2018 से फर्रुखाबाद जिले के रजपालपुरा की सुप्रिया अनामिका के दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करती रही। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस अब बिंदुवार जांच कर रही है। पुलिस ने सुप्रिया और उसके परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद शिक्षा विभाग से सहयोग मांगा है।
वर्ष 2018 में इस नियुक्ति को लेकर बनी चयन कमेटी के बयान पुलिस दर्ज कर रही है। तत्कालीन डीसी जीएस राजपूत को पुलिस ने मंगलवार को तलब किया। उनसे कई बिंदुओं पर सवाल किए। डीसी द्वारा दिए गए जवाब को पुलिस ने बयान के रूप में दर्ज कर लिया है।
चयन कमेटी के अन्य सदस्यों से भी होगी पूछताछ
सोरों कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने बताया कि तत्कालीन डीसी से विवेचक ने पूछताछ की है। उनके बयान दर्ज कर लिए हैं। अन्य सदस्यों से भी सहयोग मांगा गया है। पूरी चयन कमेटी के बयान दर्ज होंगे। उधर, बालिका शिक्षा के तत्कालीन डीसी जीएस राजपूत ने बताया कि पुलिस ने मुझसे सुप्रिया की नियुक्ति को लेकर पूछताछ की। मैंने उनके हर सवाल का सटीक उत्तर दिया है। चयन कमेटी में मेरा कोई हस्तक्षेप नहीं था।
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