{"_id":"5b9ce5b4867a557eb1675b1d","slug":"police-officer-carries-pregnant-woman-in-arms-to-hospital-in-mathura","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नहीं मिली एंबुलेंस, पुलिस अफसर ने दर्द से तड़प रही गर्भवती को गोद में उठाकर पहुंचाया अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं मिली एंबुलेंस, पुलिस अफसर ने दर्द से तड़प रही गर्भवती को गोद में उठाकर पहुंचाया अस्पताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 16 Sep 2018 09:57 AM IST
विज्ञापन
गोद में उठाकर गर्भवती को अस्पताल ले जाते एसओ
- फोटो : अमर उजाला
जीआरपी के एसओ ने ऐसा काम किया है कि लोग उन्हें सैल्यूट कर रहे हैं। घटना मथुरा की है। यहां जब गर्भवती को लेने एंबुलेंस नहीं आई तो वहां खड़े जीआरपी एसओ महिला को गोद में उठाकर भर्ती कराने के लिए दौड़ पड़े।
जैसे ही एसओ महिला को लेकर अस्पताल के गेट पर पहुंचे, तभी एकाएक सभी की निगाहें उन पर टिक गईं। शहर में दिनभर यह घटना चर्चा का विषय बनी रही। लोगों उनके इस कदम को सराहा। वाक्या शुक्रवार सुबह करीब दस बजे का है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी एसओ हाथरस सोनू व इंस्पेक्टर जीआरपी मथुरा अनुराग यादव खड़े थे। तभी कासगंज-आगरा फोर्ट ट्रेन से उतरे दयालपुर, फरीदाबाद निवासी महेश ने उनसे मदद की गुहार लगाई। उन्हें बल्लभगढ़ जाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जैसे ही एसओ महिला को लेकर अस्पताल के गेट पर पहुंचे, तभी एकाएक सभी की निगाहें उन पर टिक गईं। शहर में दिनभर यह घटना चर्चा का विषय बनी रही। लोगों उनके इस कदम को सराहा। वाक्या शुक्रवार सुबह करीब दस बजे का है।
विज्ञापन
कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी एसओ हाथरस सोनू व इंस्पेक्टर जीआरपी मथुरा अनुराग यादव खड़े थे। तभी कासगंज-आगरा फोर्ट ट्रेन से उतरे दयालपुर, फरीदाबाद निवासी महेश ने उनसे मदद की गुहार लगाई। उन्हें बल्लभगढ़ जाना था।
विज्ञापन
नहीं आई एंबुलेंस
बताया गया कि उनकी गर्भवती पत्नी भावना को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी है। पुलिस अधिकारियों ने तत्काल 102 और 108 एंबुलेंस को फोन लगाया तो उसने आने में असमर्थता जता दी। महिला दर्द से कराह रही थी।
फिर क्या था, स्वयं एसओ सोनू महिला को व्हीलचेयर पर बैठाकर स्टेशन के बाहर ले आए और वहां से रिक्शा कर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने उन्हें महिला अस्पताल पहुंचने की सलाह दी।
मौके पर कोई वाहन नहीं था और प्रसव पीड़ा बढ़ती जा रही थी। तत्काल एसओ सोनू ने गर्भवती को गोद में उठाया और महिला अस्पताल की ओर दौड़ लगा दी। अस्पताल में भावना ने एक पुत्र को जन्म दिया, जबकि उसके एक पुत्री पहले से ही है।
फिर क्या था, स्वयं एसओ सोनू महिला को व्हीलचेयर पर बैठाकर स्टेशन के बाहर ले आए और वहां से रिक्शा कर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने उन्हें महिला अस्पताल पहुंचने की सलाह दी।
मौके पर कोई वाहन नहीं था और प्रसव पीड़ा बढ़ती जा रही थी। तत्काल एसओ सोनू ने गर्भवती को गोद में उठाया और महिला अस्पताल की ओर दौड़ लगा दी। अस्पताल में भावना ने एक पुत्र को जन्म दिया, जबकि उसके एक पुत्री पहले से ही है।