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कासगंज बवालः आखिर किसने बांधे हाथ, जल रहा शहर देख रही पुलिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
Updated Sun, 28 Jan 2018 07:35 PM IST
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एक दुकान को उपद्रवियों आग के हवाले किया
- फोटो : अमर उजाला
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गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान हुए शुक्रवार को कासंगज में हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद शनिवार को लगातार हिंसा और आगजनी जारी रही। एक तरफ उपद्रवी घर, कार बाइक और एंबुलेंस फिर मेडिकल स्टोर को आग के हवाले करते रहे तो दूसरी ओर पुलिस तमाशाबीन बनी रही।
इस पूरे मामले पुलिस की तरफ से आघोषित छूट और उसकी कार्यप्रणाली से यह सवाल उठ रहा है कि आखिरी पुलिस ने उपद्रवियों से सख्ती से क्यों नहीं निपटा। 48 घंटे गुजर जाने के बाद भी कासगंज प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने की जहमत नहीं उठाई।
कासगंज में सांप्रदायिक विवाद के बाद उपद्रवियों ने शहर को आग के हवाले कर दिया। दुकानों में आग लगाई और जैसे चाहा जहां चाहा वहां पर वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
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इस पूरे मामले पुलिस की तरफ से आघोषित छूट और उसकी कार्यप्रणाली से यह सवाल उठ रहा है कि आखिरी पुलिस ने उपद्रवियों से सख्ती से क्यों नहीं निपटा। 48 घंटे गुजर जाने के बाद भी कासगंज प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने की जहमत नहीं उठाई।
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कासगंज में सांप्रदायिक विवाद के बाद उपद्रवियों ने शहर को आग के हवाले कर दिया। दुकानों में आग लगाई और जैसे चाहा जहां चाहा वहां पर वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
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उपद्रवियों ने आग में लगाई आग
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह को एक बर्तन की दुकान को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया। आग लगने की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और आग पर काबू पाया। वहीं शहर के दूसरे हिस्से में उपद्रवियों का हंगामा जारी रहा।
हैरत की बात तो यह थी कि इतने हंगामी हालात में एडीजी आगरा जोन अजय आनंद ने यह कह रहे थे कि हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे।
आईजी अलीगढ़ डा. संजीव गुप्ता, कमिश्नर अलीगढ़ सुभाष चंद्र शर्मा मौके पर कैंप किए हुए थे। शहर में धारा 144 लागू थी। पीएसी और आरएफ के जवानों के साथ अफसर शहर भर में गश्त कर रहे थे।
हैरत की बात तो यह थी कि इतने हंगामी हालात में एडीजी आगरा जोन अजय आनंद ने यह कह रहे थे कि हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे।
आईजी अलीगढ़ डा. संजीव गुप्ता, कमिश्नर अलीगढ़ सुभाष चंद्र शर्मा मौके पर कैंप किए हुए थे। शहर में धारा 144 लागू थी। पीएसी और आरएफ के जवानों के साथ अफसर शहर भर में गश्त कर रहे थे।
उपद्रवियों को अघोषित छूट मिली!
पुलिस मोबाइल फोन देखने में व्यस्त रही
- फोटो : अमर उजाला
इसके बावजूद स्थिति को पुलिस नियंत्रित करने में नाकाम रही। दिन में पुलिस की ओर से स्थिति नियंत्रण के किए गए दावे की उस वक्त पोल खुल गई जब शनिवार शाम को कासगंज के गंगेश्वर कालोनी स्थित एक बंद मकान में उपद्रवियों ने आग लगा दी।
मकान मालिक शुक्रवार को अपने परिवार के साथ चले गए थे। वहीं इसी मकान के पास खड़ी एक कार को भी आग के हवाले कर दिया गया। वहीं रेलवे लाइन के पास भी एक बाइक जली हालत में मिली।
इन जगहों पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाने के लिए पहुंची लेकिन इधर उपद्रवियों ने शहर के दूसरे हिस्से में एक एंबुलेंस में आग लगा दी।
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और उसकी तरफ से कहीं न कहीं अघोषित छूट ही उपद्रवियों को उपद्रव करने का न्योता देती रहीं। जैसा पुलिस के हाथ बंधे थे और उपद्रवियों को पूरी छूट थी कि जहां चाहें। जिसे चाहें आग के हवाले कर दें।
मकान मालिक शुक्रवार को अपने परिवार के साथ चले गए थे। वहीं इसी मकान के पास खड़ी एक कार को भी आग के हवाले कर दिया गया। वहीं रेलवे लाइन के पास भी एक बाइक जली हालत में मिली।
इन जगहों पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाने के लिए पहुंची लेकिन इधर उपद्रवियों ने शहर के दूसरे हिस्से में एक एंबुलेंस में आग लगा दी।
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और उसकी तरफ से कहीं न कहीं अघोषित छूट ही उपद्रवियों को उपद्रव करने का न्योता देती रहीं। जैसा पुलिस के हाथ बंधे थे और उपद्रवियों को पूरी छूट थी कि जहां चाहें। जिसे चाहें आग के हवाले कर दें।