फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Police also confused resolved due to end of IPC in india law and Bharatiya Nyaya Sanhita introduced

यूपी: हत्या पर धारा 302 नहीं, मॉब लिंचिंग के लिए 103 (2)... अब भारतीय न्याय संहिता में रह गईं ये 358 धाराएं

Fri, 15 Mar 2024 09:52 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 15 Mar 2024 09:52 AM IST
सार

भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं रह गई हैं। 1 जुलाई 2024 से नई धाराओं का चार्ट लागू होगा। इसे लेकर पुलिस लाइन में कार्यशाला हुई, जिसमें पुलिस कर्मियों में धाराओं को लेकर हुई असमंजस की स्थिति को दूर किया गया।
 

विज्ञापन
Police also confused resolved due to end of IPC in india law and Bharatiya Nyaya Sanhita introduced
आगरा पुलिस की गाड़ी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय दंड संहिता में 511 धाराएं थीं। नई भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं रह गई हैं। 1 जुलाई 2024 से इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद हत्या में 302 की जगह धारा 103 (1) लगेगी। पहली बार मॉब लिंचिंग की धारा जोड़ी गई है। इसमें मृत्यु पर धारा 103 (2) में मुकदमा दर्ज होगा। इस मामले में मृत्युदंड तक का प्रावधान है। महिला और बाल अपराध के मामले में पुलिस को अधिकतम 60 दिन में विवेचना पूरी करनी होगी। ट्रायल भी 60 दिन में पूरा होगा।
विज्ञापन


 

भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों से अवगत कराने के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन स्थित बहुद्देश्यीय हॉल में लोक अभियोजक और राजपत्रित अधिकारियों की कार्यशाला हुई। इसमें मथुरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद और आगरा के अधिकारी शामिल हुए। आगरा कालेज विधि संकाय के सहायक प्रोफेसर डाॅ. कृष्णवीर यादव, अभियोजन अधिकारी ब्रजमोहन सिंह कुशवाहा, रवींद्र प्रताप यादव, सहायक अभियोजन अधिकारी कनिका सहाय ने जानकारी दी। मुख्य अतिथि डीसीपी ट्रैफिक सैय्यद अली अब्बास रहे। अध्यक्षता अपर निदेशक अभियोजन दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने की।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

महिला अपराध में 60 दिन में विवेचना, 60 दिन में ट्रायल
संयुक्त निदेशक अभियोजन छवि रंजन द्विवेदी ने बताया कि नई भारतीय न्याय संहिता में काफी बदलाव किया गया है। महिला, किशोर और किशोरी से संबंधित अपराध के मामलों में पुलिस को 60 दिन के अंदर विवेचना पूरी करके कोर्ट में चार्जशीट लगानी होगी। 60 दिन में कोर्ट में ट्रायल पूरा कर लिया जाएगा। तीन साल से कम सजा के मामलों में अभियुक्त 60 साल और किसी बीमारी से ग्रसित है तो गिरफ्तारी के लिए एसपी से अनुमति लेनी होगी। पहली बार मॉब लिंचिंग की धारा 103 (2) जोड़ी गई है। इसमें दोषी को मृत्युदंड तक का प्रावधान है। महिलाओं से चेन, पर्स और मोबाइल छीनने के मामलों में धारा 304 लगाई जाएगी।

 
विज्ञापन

यह किए गए हैं बदलाव
अपराध - भारतीय दंड संहिता - भारतीय न्याय संहिता
हत्या के लिए दंड - धारा 302- 103 (1)

मॉब लिंचिंग - - 103 (2)
हत्या की कोटि में न आने वाले आपराधिक मानव वध के लिए दंड - धारा 304- धारा 105

उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना - धारा 304 ए - धारा 106 (1)
हत्या का प्रयास - 307 - धारा 109

आपराधिक मानव वध करने का प्रयत्न - 308 - 110
घर में चोरी - 380 - 305

लूट - 392 - 309 (4)
डकैती - 395 - 310 (2)

हत्या के साथ डकैती - 396 - 310 (3)
महिला अपराध के मामले

दुष्कर्म - 376 - 63
16 वर्ष से कम आयु की स्त्री के साथ दुष्कर्म - 376 (3) - 65 (1)

12 वर्ष से कम की स्त्री से दुष्कर्म - 376 क, ख - धारा 65 (2)
- 376 डी - 71

- स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग - 354 - 74
लैंगिक उत्पीडऩ- धारा - 354 क - 75

 

थानों में लगाएंगे बोर्ड
भारतीय न्याय संहिता में बदलाव से अपराध की धाराओं के क्रम बदल गए हैं। इनको जानना जरूरी है। 1 जुलाई 2024 की तारीख लगते ही इन धाराओं में ही मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। इसलिए पहले से पुलिसकर्मियों को जानकारी दी जा रही है। इसके लिए थानों में बोर्ड पर धारा लिखकर लगाए जाएंगे, जिससे थानाध्यक्ष और विवेचकों को नई धाराओं के विषय में जानकारी मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed