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प्राचीन पीपल का पेड़ टूटकर गिरा

Fri, 28 Feb 2020 11:36 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2020 11:36 PM IST
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pipal ka tree gira
कासगंज में बारहद्वारी क्षेत्र में टूटकर गिरा पीपल का पेड़। - फोटो : KASGANJ
कासगंज। बारहद्वारी हनुमान मंदिर का प्राचीन पीपल का पेड़ शुक्रवार को तड़के टूटकर गिर गया। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। पेड़ के गिर जाने से बारहद्वारी क्षेत्र में चार घंटे तक आवागमन बाधित हो गया, जिससे लोगों को दिक्कतें हो गई।
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सुबह 6:20 बजे मंदिर के पुजारी ने जैसे ही पूजा कार्य संपन्न किया अचानक पीपल का पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गया। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। इससे बिजली की केबल भी टूट गई और विलराम गेट का मार्ग भी बाधित हो गया। जिस समय यह घटना हुई उस समय स्कूलों के वाहनों का आवागमन मार्ग पर रहता है। काफी संख्या में भक्त भी सड़क पर खड़े होकर पूजा करते हैं। गनीमत रही कि कोई भी व्यक्ति या वाहन पेड़ की चपेट में नहीं आया। सूचना मिलने ही पुलिस के अलावा बिजली विभाग और पालिका के कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। पालिका कर्मियों ने जेसीबी से पेड़ को हटवाने का कार्य शुरू कर दिया। लगभग 10 बजे टूटे पेड़ को हटाकर मार्ग को सुचारू किया गया। बिजली कर्मियों ने भी केबल जोड़कर व्यवस्था बनाई। मौके पर मौजूद सहावर गेट निवासी सुभाष ने बताया कि पूजा करने के बाद वह मंदिर के सामने एक दुकान के चबूतरे पर बैठ गए थे। इसी बीच अचानक पेड़ टूटकर कर गिर पड़ा।
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पुजारी सुदामा ने बताया कि कोई भी पेड़ की चपेट में नहीं आया।
परीक्षार्थियों को जाना पड़ा घूूमकर
पेड़ के टूटने से परीक्षार्थियों को भी काफी दिक्कत हुई। सुबह के समय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मे संस्कृत की परीक्षा देने के लिए काफी संख्या में छात्राओं को जाना था। मार्ग अवरुद्ध हो जाने पर इन छात्राओं को दिक्क्तें हुई। वे अन्य मार्गों से होकर परीक्षा केंद्र जाने को मजबूर हुई।
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पीपल के पेड़ से जुड़ा है आजादी का इतिहास
बारहद्वारी में गिरा पीपल का पेड़ लगभग 150 वर्ष पुराना बताया जाता है। इस पेड़ से आजादी का इतिहास जुड़ा हुआ है। आजादी के आंदोलन के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले कई क्रांतिकारियों को इस पेड़ से लटकाकर फांसी दी गई थी। इसके अलावा अन्य ऐतिहासिक बातें भी इस पेड़ से जुड़ी हैं।
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