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परफार्मेंस ग्रांट में घपला: तीन माह की तैनाती में कर दिया तीन करोड़ का घोटाला
Tue, 04 Feb 2020 11:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 04 Feb 2020 11:02 AM IST
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घोटाला
- फोटो : amar ujala
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जिले की तीन ग्राम पंचायतों के लिए तीन करोड़ रुपये की परफार्मेंस ग्रांट मिली थी। इस धनराशि का करीब तीन माह तक जिला पंचायतराज अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे धनंजय जायसवाल ने ग्राम पंचायत सचिवों के साथ मिलकर बंदरबांट किया। किसी ग्राम पंचायत में विकास कार्य नहीं करवाए। तीन साल से चल रही जांच के दौरान आगरा से धनराशि रिकवरी करके शासन को भेजी जा चुकी है।
जिला पंचायतीराज विभाग में धनंजय जायसवाल पहले फतेहाबाद व शमसाबाद ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पद पर कार्यरत रहे। वर्ष 2017 में वह करीब तीन माह उन पर जिला पंचायतीराज अधिकारी का प्रभार रहा था। इसी दरम्यान परफार्मेंस ग्रांट की धनराशि जिले में आवंटित की गई थी। इन तीन ग्राम पंचायतों में बिचपुरी व दो अन्य पंचायतें शामिल थीं।
इस धनराशि से गांवों में नाली, खरंजे और अन्य विकास कार्य कराए जाने थे, लेकिन यह कार्य नहीं कराए गए और धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया। इसमें तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों की भूमिका भी रही। शासन से जब विजिलेंस जांच शुरू की गई तो तत्कालीन सीडीओ रविंद्र कुमार मांदड़ ने इस धनराशि की रिकवरी भी करवाई थी।
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जिला पंचायतीराज विभाग में धनंजय जायसवाल पहले फतेहाबाद व शमसाबाद ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पद पर कार्यरत रहे। वर्ष 2017 में वह करीब तीन माह उन पर जिला पंचायतीराज अधिकारी का प्रभार रहा था। इसी दरम्यान परफार्मेंस ग्रांट की धनराशि जिले में आवंटित की गई थी। इन तीन ग्राम पंचायतों में बिचपुरी व दो अन्य पंचायतें शामिल थीं।
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इस धनराशि से गांवों में नाली, खरंजे और अन्य विकास कार्य कराए जाने थे, लेकिन यह कार्य नहीं कराए गए और धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया। इसमें तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों की भूमिका भी रही। शासन से जब विजिलेंस जांच शुरू की गई तो तत्कालीन सीडीओ रविंद्र कुमार मांदड़ ने इस धनराशि की रिकवरी भी करवाई थी।
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एटा में तैनाती के दौरान धांधली में भी नपे
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल वर्ष 2018 में एटा के डीपीआरओ के रूप में स्थानांतरित कर दिए गए थे। एटा में भी विकास कार्यों में धांधली की शिकायतों के बाद शासन से उन्हें निलंबित करके लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। तभी से वह मुख्यालय से संबद्ध हैं।
शासन को भेज दी गई धनराशि
जिन तीन ग्राम पंचायतों में मानकों के विरुद्ध परफार्मेंस ग्रांट बांटी गई। उनसे पूरा पैसा वसूल किया गया है। वर्ष 2018-19 में राजस्व वसूली कर तीन करोड़ रुपया शासन को बेजा गया है। उन्होंने बताया कि अब अगली कार्रवाई के लिए शासन से आदेश आने पर कार्य किया जाएगा। -जे. रीभा, मुख्य विकास अधिकारी, आगरा
क्या है परफार्मेंस ग्रांट
शासन ऐसी ग्राम पंचायतों को विकास के लिए अतिरिक्त धनराशि परफार्मेंस ग्रांट के रूप में देता है, जोकि अपने स्रोतों से आय अर्जित करती हैं। पैंठ बाजार व मेले आदि लगाने के लिए धनार्जन करके शासन को इसका ब्योरा भेजती हैं।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल वर्ष 2018 में एटा के डीपीआरओ के रूप में स्थानांतरित कर दिए गए थे। एटा में भी विकास कार्यों में धांधली की शिकायतों के बाद शासन से उन्हें निलंबित करके लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। तभी से वह मुख्यालय से संबद्ध हैं।
शासन को भेज दी गई धनराशि
जिन तीन ग्राम पंचायतों में मानकों के विरुद्ध परफार्मेंस ग्रांट बांटी गई। उनसे पूरा पैसा वसूल किया गया है। वर्ष 2018-19 में राजस्व वसूली कर तीन करोड़ रुपया शासन को बेजा गया है। उन्होंने बताया कि अब अगली कार्रवाई के लिए शासन से आदेश आने पर कार्य किया जाएगा। -जे. रीभा, मुख्य विकास अधिकारी, आगरा
क्या है परफार्मेंस ग्रांट
शासन ऐसी ग्राम पंचायतों को विकास के लिए अतिरिक्त धनराशि परफार्मेंस ग्रांट के रूप में देता है, जोकि अपने स्रोतों से आय अर्जित करती हैं। पैंठ बाजार व मेले आदि लगाने के लिए धनार्जन करके शासन को इसका ब्योरा भेजती हैं।