योगी सरकार 2.0: मथुरा में पहली बार भाजपा ने रचा जीत का इतिहास, फिर भी सिर्फ एक के सिर सजा मंत्री पद का 'ताज'
योगी सरकार 2.0 शुरू हो चुकी है। यूपी चुनाव में भाजपा का मथुरा पर बहुत जोर रहा, लेकिन जहां बात मंत्री बनने की आई, तो मथुरा के लोगों को निराशा मिली। प्रदेश की कैबिनेट में मथुरा के पांच विधायकों में से सिर्फ चौधरी लक्ष्मीनारायण को जगह मिल सकी है।
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उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल गठन से पहले बहुत सारे कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार कम से कम तीन विधायक मंत्री जरूर बनेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पांच में से सिर्फ एक विधायक को ही मंत्री बनने का मौका दिया गया। लोग टीवी पर टकटकी लगाए थे कि अब मथुरा के कितने विधायक मंत्री बनकर लौटेंगे। लोगों ने तो स्वागत की भी तैयारियां कर ली थीं। लोगों को निराशा इसलिए भी हुई कि इस बार तो श्रीकांत शर्मा रिकॉर्ड मतों से जीते थे।
दरअसल, मथुरा में पहली बार ऐसा हुआ कि भाजपा ने मथुरा, गोवर्धन, मांट, छाता व बलदेव विधान सभा सीटें जीतकर इतिहास रचा है। इसके पहले पांचों सीटें जीतने का सौभाग्य भाजपा को नहीं मिला था। पिछले विधान सभा में पांच में से चार सीटें जीती थीं और मथुरा से श्रीकांत शर्मा व छाता से चौधरी लक्ष्मीनारायण कैबिनेट मंत्री बने थे। इस बार लोग मानकर चल रहे थे कि तीन मंत्री जरूर बनेंगे, लेकिन ऐसा न होकर सिर्फ चौधरी लक्ष्मीनारायण ही कैबिनेट मंत्री बने हैं।
चुनाव में मथुरा पर था बहुत जोर
चुनाव के दौरान प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई मंत्री व संगठन के पदाधिकारियों ने यहां आकर रैली के साथ घर-घर जाकर वोट मांगे थे। जैसे ही केंद्रीय गृह मंत्री को नई सरकार के गठन की जिम्मेदारी मिली तो लोगों को आशा थी कि उनके नजदीकी मथुरा विधायक श्रीकांत शर्मा को अच्छा मंत्रालय मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उधर, इस बार कयास लगाए जा रहे थे कि मांट क्षेत्र से आठ बार के विधायक श्याम सुंदर शर्मा को हराकर युवा चेहरा राजेश चौधरी को जरूर मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी। साथ ही बलदेव के पूरन प्रकाश को भी कोई मंत्रालय मिलने की उम्मीद थी लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
कैसे होगा मथुरा का विकास
लोगों को आशंका है कि मथुरा के विकास के लिए केंद्र से प्रदेश के नेताओं ने कई वादे किए थे, लेकिन जब मंत्रिमंडल में यहां के विधायकों को जगह ही नहीं मिला तो मथुरा का विकास कैसे होगा?