Mathura: माता सीता और द्रौपदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर फंसे कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, थाने में दी गई तहरीर
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ नारायणी सेना और संत सुरक्षा समिति ने वृंदावन थाने में तहरीर दी है। जिसमें आरोप लगाया कि अनिरुद्धाचार्य ने माता सीता और द्रौपदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर महिलाओं का अपमान किया है।
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वृंदावन के भागवत कथावाचक अनिरुद्धाचार्य अब माता सीता और द्रौपदी पर दिए बयान पर घिरते नजर आ रहे हैं। सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर उनकी कड़े शब्दों में निंदा हो रही है। इसी बीच उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य महिलाओं की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। इसके बाद भी भागवत प्रवक्ता का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार को नारायणी सेना और संत सुरक्षा समिति ने कोतवाली में तहरीर देकर भागवत कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
नारी समाज का हुआ अपमान
राष्ट्रीय संत सुरक्षा समिति और श्री कृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य देवमुरारी बापू ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि अनिरुद्धाचार्य ने हाल ही में माता सीता व द्रौपदी के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की है। उनके बयान से नारी समाज का अपमान हुआ है। सुंदरता कभी अपहरण का कारण नहीं बनती है, व्यक्ति की खराब मानसिकता के कारण अपहरण की वारदात होती है। कथावाचक लगातार कई बार व्यास गद्दी से इसी प्रकार अल्प ज्ञान वाली चर्चा करते हैं, जो उपहास का कारण बनती है। इससे समाज में काफी रोष है। अनिरुद्धाचार्य को चाहिए पहले धर्म शास्त्र का ज्ञान प्राप्त करें, उसके बाद कोई टिप्पणी करें।
नारायणी सेना ने भी दी तहरीर
नारायणी सेना न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ शीतल आचार्य ने कथावाचक द्वारा नारी शक्ति के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी पर रोष जताते हुए इसे नारी शक्ति का अपमान बताया है। उन्होंने तहरीर देकर मांग की है कि अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ केस दर्ज कर कथा करने से रोका जाए। वरना, नारी समाज के इस अपमान का बदला सड़कों पर उतर कर लिया जाएगा। आचार्य मनमोहन रामानुज ने भी कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कथावाचक के खिलाफ केस दर्ज कर कथाओं पर विराम लगाने की मांग की। इस मौके पर नारायणी सेना न्यास के जिला अध्यक्षा सुनैना गुप्ता भी मौजूद थीं।