Mainpuri: जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी, वार्ड ब्वॉय फरमा रहे आराम, तीमारदार खींच रहे स्ट्रेचर
शुक्रवार को महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में तीमारदार स्ट्रेचर खींचते हुए नजर आए और सौ शैय्या मातृ एवं शिशु अस्पताल में गेट पर न तो कर्मचारी था न स्ट्रेचर।
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मैनपुरी के जिला अस्पताल में बेहतर इलाज और सुविधाओं का दावा किया जा रहा है, लेकिन व्यवस्थाएं इसके विपरीत है। यहां तैनात वार्ड ब्वॉय अपनी जिम्मेदारी को सही ढंग से नहीं निभा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों और घायल मरीजों को संबंधित कक्ष से लाने और ले जाने के लिए तीमारदारों को स्ट्रेचर खींचना पड़ रहा है। शुक्रवार को महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में तीमारदार स्ट्रेचर खींचते हुए नजर आए और सौ शैय्या मातृ एवं शिशु अस्पताल में गेट पर न तो कर्मचारी था न स्ट्रेचर।
ऐसा तब है जब स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हाल ही में उप मुख्यमंत्री, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के निर्देश पर सीएमओ ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए लिखित आदेश दिया है। आदेश में कहा गया था कि सभी अस्पतालों की इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर और उसके साथ कर्मचारी अपनी निर्धारित ड्रेस में होना चाहिए। सरकार के इस आदेश का पालन न तो जिला अस्पताल में होता नजर आ रहा है और न ही जिला महिला अस्पताल में।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी के गेट पर शुक्रवार को न तो कोई वार्ड व्बॉय था न ही स्ट्रेचर। यहां तीमारदार नगला छेड़ी निवासी खुशबू, सकरा निवासी अरुण कुमार, भांवत रोड निवासी संतोष कुमार मरीजों को भर्ती कराने के लिए अंदर से स्ट्रेचर लेकर आए और मरीज को उस पर लिटाकर उसे खींचकर अंदर डॉक्टर के पास लेकर गए। इन लोगों को कहना था कि अस्पताल में सरकार के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। इस कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल
सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल में शुक्रवार को 14 महिलाओं को प्रसव के लिए लाया गया। इस दौरान बाहर न तो स्ट्रेचर था और न ही कोई वार्ड व्बॉय। सभी कर्मचारी अंदर आराम फरमा रहे थे। स्वयं तीमारदार ही अस्पताल के अंदर से स्ट्रेचर लेकर आए और उस पर मरीज को लिटाकर डिलीवरी रूम तक पहुंचाना पड़ा। यहां भी सरकारी आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण मरीजों को ले जाने में परेशानी हो रही है।
मरीज उपचार के लिए परेशान रहे
शुक्रवार को फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर मरीजों को इंतजार करते हुए देखा गया। जानकारी पर पता चला कि बाल रोग विशेषज्ञ अवकाश पर हैं और फिजीशियन कक्ष में जिस डॉक्टर की तैनाती थी वे सीएमएस के साथ वार्ता कर रहे हैं। करीब एक घंटे तक मरीजों को फिजीशियन कक्ष के बाहर इंतजार करते देखा गया। यहां तैनात दोनों डॉक्टर सीएमएस से वार्ता करते रहे और मरीज उपचार के लिए परेशान रहे।
सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने कहा कि उप मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन किया जाए। तीन दिन पहले ही इस संबंध में सीएमएस को पत्र लिखकर आदेश दिए गए थे। यदि आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है तो यह लापरवाही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी जाएगी।