Agra: अभिभावक धरने पर अड़े... स्कूल ने रोकी फीस वसूली, संचालक को बीएसए ने किया तलब
अभिभावकों ने वसूली के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। कॉनरेड्स इंटर कॉलेज के गेट और जिला मुख्यालय पर धरना दिया। कई बार धरना खत्म कराने का प्रयास हुआ। देर शाम आश्वासन दिया कि निर्णय न होने तक फीस नहीं जमा करनी होगी।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में स्कूलों की तानाशाही के खिलाफ बुधवार को अभिभावकों ने मोर्चा खोला। टीम पापा के एक संगठन ने सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज के गेट पर धरना दिया जो दूसरे ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। आंधी, बूंदाबांदी के बावजूद कॉलेज गेट पर अभिभावक डटे रहे।
हालांकि कई बार उन पर पुलिस और अधिकारियों ने धरना खत्म करने के लिए दबाव डाला। न मानने पर देर शाम प्रशासन और कॉलेज के प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया कि अब फीस पर अगला निर्णय होने तक स्कूल न तो फीस के लिए संदेश भेजेगा और न ही विलंब शुल्क वसूलेगा।
जिला प्रशासन के वादे के बाद भी राहत न मिलने से गुस्साए अभिभावकों ने टीम पापा (प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स अवेयरनेस) के संस्थापक दीपक सिंह सरीन के नेतृत्व में काॅनरेड्स इंटर कॉलेज के गेट पर दोपहर 12 बजे धरना शुरू किया। अभिभावकों का आरोप है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्कूल के बजाय अभिभावकों से ही सबूत मांगने लगे।
पूरे दिन धरना खत्म कराने का प्रयास चला। शाम करीब 7 बजे बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नगर खंड शिक्षा अधिकारी और कॉलेज के कोऑर्डिनेटर प्रतीश अभिभावकों से वार्ता करने पहुंचे। दीपक सिंह सरीन ने बताया कि आश्वासन दिया गया है कि अंतिम निर्णय होने तक किसी भी अभिभावक को फीस भरने के लिए स्कूल से संदेश नहीं भेजा जाएगा। न ही इस अवधि का विलंब शुल्क वसूला जाएगा। किताबों पर भी अभिभावकों को छूट दी गई है। स्कूल बच्चों पर किताब लाने के लिए दबाव नहीं डालेगा।
वहीं इतने दिनों से हो रहे पढ़ाई की भरपाई स्कूल प्रशासन स्कूल एप पर सारा होमवर्क डालकर करेगा। पुन: प्रवेश के नाम पर वसूली गई फीस पर स्कूल प्रशासन का कहना है कि फादर के लौट के आने के बाद जो निर्णय होगा उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन
वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय पर भी प्रदर्शन किया गया। किसान-मजदूर नेता दिलीप चौधरी ने कहा है कि निजी स्कूलों शिक्षा के अधिकार कानून का भी पालन नहीं कर रहे हैं। जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन एसीएम द्वितीय सतीश कुमार को सौंपा।
साथ ही शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान दाताराम लोधी, चौधरी पुष्पेंद्र सिंह, बाबूलाल वाल्मिकी, किशन शर्मा, मूलचंद सिंह, रतन सिंह कुशवाह, गंभीर बघेल, कुशल यादव, अन्नु ठाकुर आदि शामिल थे।
टीम पापा संरक्षक मनोज शर्मा ने कहा कि अभिभावक और सामाजिक संस्थाएं लगातार शिकायत कर रही हैं। हम प्रमाण देने को तैयार हैं। बावजूद इसके स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे अभिभावकों का मनोबल टूटेगा।
ये हैं मुद्दे
- किताबों की कीमत में दोगुना से ज्यादा वृद्धि।
- फीस में 12 से 14 हजार की वृद्धि।
- कक्षा 1 में आने पर पुन: प्रवेश शुल्क वसूलना।
- किताब-कॉपियां अधिकृत पुस्तक विक्रेता से खरीदना।
- किताबों के साथ कॉपी खरीदने की बाध्यता।
- कोरोना काल की 15 प्रतिशत फीस का समायोजन
- यूनिफॉर्म और पाठ्यक्रम में बार-बार बदलाव।
495 रुपये की पॉकेट डिक्शनरी
सेंट कॉनरेड्स ने अंग्रेजी किताबों के सेट के साथ 495 रुपये की पॉकेट डिक्शनरी लगाई है। वहीं सेंट पेट्रिक्स में कंप्यूटर की एक किताब की कीमत 899 रुपये है। -नेमीचंद प्रजापति
विषय एक, पुस्तकें अनेक
एक विषय की 3 से 6 तक किताबें लगाई गईं हैं। पहले भी दो किताबों से पढ़ाई कर लोग बड़ा नाम करते थे। -लकी रामचंदानी, अभिभावक
फीस में 14 हजार तक वृद्धि
फीस बढ़ने से एक परिवार पर करीब 25000 रुपये का फीस का ही अतिरिक्त खर्चा बढ़ गया है। दो दिन पूर्व जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने फीस कम करने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्कूल संचालकों ने कोई राहत नहीं दी। -हरेंद्र त्यागी, अभिभावक
वसूली जा रही रोबोटिक्स की फीस
स्कूल में न तो रोबोटिक्स और एआई के शिक्षक हैं न ही लैब फिर भी अतिरिक्त फीस वसूली जा रही है। जो प्रोग्रामिंग स्कूल में पढ़ाई जा रही है उसके लिए भी ट्यूशन लगाना पड़ता है। -अंकुर अग्रवाल, अभिभावक
12 को बीएसए कार्यालय पर स्कूल संचालक तलब
बीएसए कार्यालय पर स्कूल संचालकों को 12 अप्रैल को तलब किया गया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सेंट पीटर्स कॉलेज, सेंट पेट्रिक्स जूनियर कॉलेज, सेंट फेलिक्स जूनियर कॉलेज, सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट स्कूल और सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज की मनमानी से प्रदेश सरकार, बेसिक शिक्षा विभाग और जिलाधिकारी की छवि धूमिल हो रही है। पांचों विद्यालयों को 12 अप्रैल को कार्यालय पहुंचकर चार बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। -जितेंद्र गोंड, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी