फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Paralyzed face will be cured by vein transplant AI will enhance beauty

UP: नस ट्रांसप्लांट से ठीक होगा लकवाग्रस्त चेहरा, एआई बढ़ाएगा खूबसूरती; विशेषज्ञों ने दी ये जानकारी

Sat, 12 Jul 2025 09:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 12 Jul 2025 09:18 AM IST
सार

विकृत-लकवाग्रस्त चेहरे की सर्जरी में आर्टिफिशयल इंटेलीजेंसी (एआई) मददगार साबित होगा। एआई की मदद से नस-मांसपेशियों के ट्रांसप्लांट से लकवाग्रस्त चेहरे को ठीक कर खूबसूरत बनाया जा सकता है।

 

विज्ञापन
Paralyzed face will be cured by vein transplant AI will enhance beauty
एसोसिएशन ऑफ मैक्सिलोफेशियल सर्जंस ऑफ इंडिया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

एसोसिएशन ऑफ मैक्सिलोफेशियल सर्जंस ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) की कार्यशाला में विकृत-लकवाग्रस्त चेहरे की सर्जरी की आधुनिक विधियों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिया। फतेहाबाद रोड स्थित होटल के दूसरे दिन डॉक्टरों ने बताया कि आर्टिफिशयल इंटेलीजेंसी (एआई) की मदद से नस-मांसपेशियों के ट्रांसप्लांट से लकवाग्रस्त चेहरे को ठीक कर खूबसूरत बना रहे हैं।
विज्ञापन





 

एओएमएसआई के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजीव नायर ने बताया कि लकवा से मांसपेशियां और नस प्रभावित होने से चेहरा टेढ़ा हो जाता है। इससे मरीज को बोलने, चबाने में दिक्कत होती है। इसमें एआई की मदद से चेहरे की डिजाइन बनाकर मरीज के शरीर से नस-मांसपेशियां लेकर विकृत हिस्से की सर्जरी करते हैं। इसमें 5 घंटे से अधिक का समय लगता है। इसके 4-5 महीने मरीज फॉलोअप में रखकर स्पीच थैरेपी-फिजियोथेरेपी भी कराते हैं। इसके बाद मरीज अपने पूर्व की स्थिति का चेहरा प्राप्त कर लेता है। कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ये सर्जरी हो रही है। निजी में डेढ़ लाख रुपये से अधिक का खर्चा आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विशेषज्ञ डॉ. अत्रेय राजगोपाल ने कॉस्मेटिक फेशियल सर्जरी से नाक, कान, ठोढ़ी को खूबसूरत करने के लिए सर्जरी का चलन तेजी से बढ़ा है। एआई से सर्जरी और सटीक हो रही है। सर्जरी कराने वालों में 50 फीसदी खूबसूरती के लिए और बाकी के बीमारी, मुहांसे, चोट समेत अन्य वजहों से चेहरा बदसूरत होने पर सर्जरी करा रहे हैं। इनमें युवाओं की संख्या 80 फीसदी है।
 
विज्ञापन

डॉ. नेहल पटेल ने बताया कि सर्जरी में एआई के अलावा आधुनिक सॉफ्टवेयर, उपकरण और नई तकनीक भी उपयोग में लाई जा रही है। इससे नाक, होठ, कान में बदलाव कर चेहरे को पहले से भी ज्यादा खूबसूरत बना सकते हैं। इंग्लैंड के डॉ. नायल मैकलियोड्स ने दुर्घटना में जबड़े के टूटने के मामले दुनिया में बढ़ रहे हैं। इनमें युवा अधिक हैं। इनकी सर्जिकल तकनीकी, प्लेटिंग और एआई से नया कृत्रिम जबड़ा भी बनाया जा रहा है। कार्यशाला अध्यक्ष डॉ. एसके कठारिया, सचिव डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. मदन मिश्रा, डॉ. निखिल पंडित, डॉ. आतिश कुंदू, डॉ. आरके सिंह, डॉ. नरेश शर्मा, डॉ. भगवान दास आदि ने भी व्याख्यान दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed