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मथुराः पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम देकर विश्वविद्यालय को भूल गई भाजपा सरकार
Tue, 10 Sep 2019 12:11 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 10 Sep 2019 12:11 AM IST
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उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय वेटरनेरी
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स्वतंत्रता के बाद देश का पहला वेटरनेरी कॉलेज मथुरा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय वेटरनेरी यूनिवर्सिटी का दर्जा पाने की उम्मीद लगाए है। 2001 में इसी कॉलेज को पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम देते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने विश्वविद्यालय घोषित किया था।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कॉलेज से यूनिवर्सिटी में परिवर्तित होने वाला देश का ये प्रतिष्ठित संस्थान पिछले 18 सालों से संसाधनों के लिए तरस रहा है।
ये भी पढ़ें: मथुराः प्रधानमंत्री की सुरक्षा का ब्लू प्रिंट तैयार, कार्यक्रम में यह कपड़े पहनकर नहीं आ सकेंगे
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पिछली सपा और बसपा सरकारों ने यूनिवर्सिटी एक्ट के मुताबिक यहां नए चार कॉलेज का भवन तो तैयार करा दिया, लेकिन इनमें शिक्षक सहित संसाधनों की जरूरत को अब तक किसी ने पूरा नहीं किया है। सिर्फ एक कॉलेज पर ही ये यूनिवर्सिटी के रूप में संचालित हो रही है।
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कॉलेज से यूनिवर्सिटी में परिवर्तित होने वाला देश का ये प्रतिष्ठित संस्थान पिछले 18 सालों से संसाधनों के लिए तरस रहा है।
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पिछली सपा और बसपा सरकारों ने यूनिवर्सिटी एक्ट के मुताबिक यहां नए चार कॉलेज का भवन तो तैयार करा दिया, लेकिन इनमें शिक्षक सहित संसाधनों की जरूरत को अब तक किसी ने पूरा नहीं किया है। सिर्फ एक कॉलेज पर ही ये यूनिवर्सिटी के रूप में संचालित हो रही है।
उम्मीद थी कि प्रदेश की योगी सरकार यूनिवर्सिटी को उसका मूल स्वरूप प्रदान करेगी। करीब पौने दो साल पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेटरनेरी यूनिवर्सिटी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के अनावरण दौरान दो कॉलेजों को तत्काल शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक ये कॉलेज शुरू नहीं हो सके हैं।
योगी सरकार दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर प्रदेश के इकलौते वेटरनेरी यूनिवर्सिटी मथुरा में कॉलेजों के लिए शिक्षक सहित कर्मचारियों की नियुक्ति की अनुमति नहीं दे सकी है। यहां के शिक्षकों को अब तक सातवां वेतनमान भी योगी सरकार ने नहीं दिया है।
इस स्थिति में यहां के लोग वेटरनेरी यूनिवर्सिटी को केंद्रीय दर्जा देने की उम्मीद पीएम नरेंद्र मोदी से लगाए है। ऐसा अगर होता है तो ये देश की पहली केंद्रीय वेटरनेरी यूनिवर्सिटी होगी। यहां नए कॉलेज खुलेंगे। बड़ी संख्या में देश भर के छात्र यहां पढ़ने आएंगे। यह सभी स्थितियां मथुरा में विकास की नई संभावनाओं को जन्म देंगे।
योगी सरकार दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर प्रदेश के इकलौते वेटरनेरी यूनिवर्सिटी मथुरा में कॉलेजों के लिए शिक्षक सहित कर्मचारियों की नियुक्ति की अनुमति नहीं दे सकी है। यहां के शिक्षकों को अब तक सातवां वेतनमान भी योगी सरकार ने नहीं दिया है।
इस स्थिति में यहां के लोग वेटरनेरी यूनिवर्सिटी को केंद्रीय दर्जा देने की उम्मीद पीएम नरेंद्र मोदी से लगाए है। ऐसा अगर होता है तो ये देश की पहली केंद्रीय वेटरनेरी यूनिवर्सिटी होगी। यहां नए कॉलेज खुलेंगे। बड़ी संख्या में देश भर के छात्र यहां पढ़ने आएंगे। यह सभी स्थितियां मथुरा में विकास की नई संभावनाओं को जन्म देंगे।