फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Panchayat Chunav: 46 Government Employee Died In Elections But Helps Only Three

आगरा: चुनाव में संक्रमण से मृत 46 कर्मियों की सूची, मदद सिर्फ तीन को, प्रशासन ने बीमार होने के बाद मौत नहीं मानीं

Tue, 25 May 2021 01:07 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 25 May 2021 01:07 AM IST
सार

अनुग्रह राशि के लिए 46 कर्मचारियों की सूची भेजी गई, लेकिन जब अनुग्रह राशि देने का नंबर आया तो प्रशासन के पैमाने पर सिर्फ तीन मृतक ही खरे साबित हो सके।

विज्ञापन
Panchayat Chunav: 46 Government Employee Died In Elections But Helps Only Three
मतगणना कार्मिक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान बहुत से कर्मचारी कोरोना संक्रमण के शिकार हुए। कोई प्रशिक्षण के बाद संक्रमित हुआ तो कोई मतगणना के बाद। इनमें से कई की मौत हो गई। अनुग्रह राशि के लिए 46 कर्मचारियों की सूची भेजी गई, लेकिन जब अनुग्रह राशि देने का नंबर आया तो प्रशासन के पैमाने पर सिर्फ तीन मृतक ही खरे साबित हो सके। बाकी 43 कर्मचारियों के मामले में ड्यूटी स्थल, मृत्यु में लगा समय, जांच और प्रमाणपत्रों के पेच फंस गए। नियमों के मुताबिक सिर्फ उन्हीं चुनावकर्मियों को अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है जिनकी मृत्यु ड्यूटी स्थल पर हुई हो। 

विज्ञापन


केस-1
पूजा के पति आरपी शर्मा पीडब्ल्यूडी में अभियंता थे। मतदान प्रशिक्षण में गए। लौटने के बाद बुखार आ गया। दस दिन एसएन में वेंटिलेटर पर मौत से लड़े, लेकिन जिंदगी की जंग हार गए। पूजा एक महीने से मृत्यु प्रमाणपत्र लेकर पति की मौत संक्रमण से साबित करने के लिए दर-दर भटक रही है।
विज्ञापन


ड्यूटी के समय मौत पर ही सहायता का प्रावधान
एडीएम वित्त एवं राजस्व योगेंद्र कुमार ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक सिर्फ उन्हीं चुनावकर्मियों को अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है जिनकी मृत्यु ड्यूटी स्थल पर हुई है। घर से निकल कर ड्यूटी स्थल तक जाने और वहां से लौटकर घर तक आने का समय में जिनकी मृत्यु हुई वही इसके पात्र हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

तीन नाम भेजे, विभागों से दोबारा सूची मांगी
पंचायत चुनाव के कार्मिक प्रभारी एवं एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी का कहना है कि पहली सूची में तीन नाम आयोग को भेजे गए हैं। उनके परिवारों को 30-30 लाख रुपये मिलेंगे। नए शासनादेश के मुताबिक दोबारा विभागों से सूची मांगी गई है। पात्रता पूरी करने वालों को लाभ दिलाया जाएगा।

46 मृत कर्मचारियों की भेजी है सूची
जिलाधिकारी को 46 मृतक कर्मियों सूची भेजी है। जिनकी चुनाव ड्यूटी आई थी। प्रशिक्षण के बाद कुछ गंभीर रूप से बीमार हो गए। उन सभी को 30-30 लाख की मदद मिलनी चाहिए। - मृदुल सिंह, जिलाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी महासंघ

परिवारों के साथ न हो भेदभाव
मृतक कर्मियों के परिजनों की आर्थिक मदद में भेदभाव हो रहा है। संक्रमण के समय जबर्दस्ती ड्यूटी कराई। अब मौत हो गई तो शासन, प्रशासन व आयोग पल्ला झाड़ रहा है। - सत्यभान सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

कर्मचारियों की मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार
518 मृत कर्मियों सूची मुख्यमंत्री को भेजी है। 1000 से अधिक मौतें हुई हैं। इन मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार है। जितने कर्मियों की असमय मृत्यु हुई है उनके परिवारों को सरकार मुआवजा दे। - हरि किशोर तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, उ.प्र. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

इन्हें मिलेगा मुआवजा
नाम                                             पद                   विभाग                         मृत्यु दिनांक
भागीरथ बंसल                            एआरओ             पीडब्ल्यूडी                   30 अप्रैल
सुनील कुमार                              एआरओ          सहकारिता विभाग            2 मई
महेश चंद                                 मतदान अधिकारी     पीडब्ल्यूडी               17 अप्रैल


46 कर्मियों कर सूची
बेसिक शिक्षा    25
माध्यमिक शिक्षा    10
पीडब्ल्यूडी    08
श्रम विभाग    01
बांट माप विभाग    01
आवास विकास    01

कोरोना संक्रमण: बेसिक शिक्षा विभाग को मिली कोरोना से शिक्षकों की मौत की सूची, संक्रमण से 25 की हुई मृत्यु
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed