आगरा: चुनाव में संक्रमण से मृत 46 कर्मियों की सूची, मदद सिर्फ तीन को, प्रशासन ने बीमार होने के बाद मौत नहीं मानीं
अनुग्रह राशि के लिए 46 कर्मचारियों की सूची भेजी गई, लेकिन जब अनुग्रह राशि देने का नंबर आया तो प्रशासन के पैमाने पर सिर्फ तीन मृतक ही खरे साबित हो सके।
विस्तार
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान बहुत से कर्मचारी कोरोना संक्रमण के शिकार हुए। कोई प्रशिक्षण के बाद संक्रमित हुआ तो कोई मतगणना के बाद। इनमें से कई की मौत हो गई। अनुग्रह राशि के लिए 46 कर्मचारियों की सूची भेजी गई, लेकिन जब अनुग्रह राशि देने का नंबर आया तो प्रशासन के पैमाने पर सिर्फ तीन मृतक ही खरे साबित हो सके। बाकी 43 कर्मचारियों के मामले में ड्यूटी स्थल, मृत्यु में लगा समय, जांच और प्रमाणपत्रों के पेच फंस गए। नियमों के मुताबिक सिर्फ उन्हीं चुनावकर्मियों को अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है जिनकी मृत्यु ड्यूटी स्थल पर हुई हो।
केस-1
पूजा के पति आरपी शर्मा पीडब्ल्यूडी में अभियंता थे। मतदान प्रशिक्षण में गए। लौटने के बाद बुखार आ गया। दस दिन एसएन में वेंटिलेटर पर मौत से लड़े, लेकिन जिंदगी की जंग हार गए। पूजा एक महीने से मृत्यु प्रमाणपत्र लेकर पति की मौत संक्रमण से साबित करने के लिए दर-दर भटक रही है।
ड्यूटी के समय मौत पर ही सहायता का प्रावधान
एडीएम वित्त एवं राजस्व योगेंद्र कुमार ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक सिर्फ उन्हीं चुनावकर्मियों को अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है जिनकी मृत्यु ड्यूटी स्थल पर हुई है। घर से निकल कर ड्यूटी स्थल तक जाने और वहां से लौटकर घर तक आने का समय में जिनकी मृत्यु हुई वही इसके पात्र हैं।
तीन नाम भेजे, विभागों से दोबारा सूची मांगी
पंचायत चुनाव के कार्मिक प्रभारी एवं एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी का कहना है कि पहली सूची में तीन नाम आयोग को भेजे गए हैं। उनके परिवारों को 30-30 लाख रुपये मिलेंगे। नए शासनादेश के मुताबिक दोबारा विभागों से सूची मांगी गई है। पात्रता पूरी करने वालों को लाभ दिलाया जाएगा।
46 मृत कर्मचारियों की भेजी है सूची
जिलाधिकारी को 46 मृतक कर्मियों सूची भेजी है। जिनकी चुनाव ड्यूटी आई थी। प्रशिक्षण के बाद कुछ गंभीर रूप से बीमार हो गए। उन सभी को 30-30 लाख की मदद मिलनी चाहिए। - मृदुल सिंह, जिलाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी महासंघ
परिवारों के साथ न हो भेदभाव
मृतक कर्मियों के परिजनों की आर्थिक मदद में भेदभाव हो रहा है। संक्रमण के समय जबर्दस्ती ड्यूटी कराई। अब मौत हो गई तो शासन, प्रशासन व आयोग पल्ला झाड़ रहा है। - सत्यभान सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
कर्मचारियों की मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार
518 मृत कर्मियों सूची मुख्यमंत्री को भेजी है। 1000 से अधिक मौतें हुई हैं। इन मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार है। जितने कर्मियों की असमय मृत्यु हुई है उनके परिवारों को सरकार मुआवजा दे। - हरि किशोर तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, उ.प्र. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
नाम पद विभाग मृत्यु दिनांक
भागीरथ बंसल एआरओ पीडब्ल्यूडी 30 अप्रैल
सुनील कुमार एआरओ सहकारिता विभाग 2 मई
महेश चंद मतदान अधिकारी पीडब्ल्यूडी 17 अप्रैल
46 कर्मियों कर सूची
बेसिक शिक्षा 25
माध्यमिक शिक्षा 10
पीडब्ल्यूडी 08
श्रम विभाग 01
बांट माप विभाग 01
आवास विकास 01
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