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दुनिया बचाने को ताजनगरी में इकट्ठा हुए 13 देशों के 'ओजोन अफसर'

Tue, 23 May 2017 08:17 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा Updated Tue, 23 May 2017 08:17 PM IST
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ozone officer meet in agra for safety of world
UNDP - फोटो : अमर उजाला
ओजोन की परत को सुरक्षित रखने वाली तकनीकी पर मंथन के लिए साउथ एशिया नेशनल ओजोन आफिसर्स नेटवर्क की वार्षिक बैठक ताजनगरी के आईटीसी होटल में शुरू हुई। यूनाइटेड नेशन एनवायरमेंट और भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय साथ मिलकर 23-26 मई तक चार दिवसीय बैठक कर रहे हैं, जिसमें दक्षिण एशिया के 13 देशों के 85 अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
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चार दिनी बैठक और पहली बार हुए ओजोन टू क्लाइमेट टेक्‍नोलोजी रोड शो का उदघाटन पर्यावरण मंत्रालय के सचिव अजय नारायण झा ने किया। उन्होंने कहा कि मांट्रियल प्रोटोकॉल में किगली संशोधन के बाद दुनिया ने उन तकनीक पर ध्यान दिया है जो ओजोन लेयर को सुरक्षित रख सकें। ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देने वाली तकनीक खासकर रेफ्रि जरेशन और एयर कंडीशनिंग को हटाना होगा। 
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नई तकनीक पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और बाजार के लिए व्यवहारिक होनी चाहिए। मांट्रियल प्रोटोकॉल को 30 साल हो चुके हैं, यह ओजोन परत की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर है। भारत ने साल 2014 में संशोधन के जरिए हाइड्रो क्लोरो फ्लोरो कार्बन्स (एचसीएफसी) को तेजी से फेज आउट करने का संकल्प दोहराया है।
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बैठक में पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनोज कुमार सिंह, यूएनडीपी के कंट्री डायरेक्टर जेको सीलर्स, ओजोन एक्शन की हेड शमिला नैयर, यूएन एनवायरमेंट के क्षेत्रीय निदेशक डा. डेकन शेरिंग, एक्जीक्यूटिव सेक्रेटरी टीना बिरम्पिली, चीफ आफिसर एडुवर्डो गोरेन, सीनियर नेटवर्क कार्डिनेटर अतुल बगाई आदि मौजूद रहे।

13 साल पहले भी आगरा में जुटे थे ओजोन अफसर

ozone officer meet in agra for safety of world
वर्ल्ड - फोटो : SELF
यूनाइटेड नेशन एनवायरमेंट के साथ दक्षिण एशियाई और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के ओजोन अफसरों की बैठक 13 साल पहले 19-21 अप्रैल 2004 तक आगरा में हो चुकी है। इसमें ओजोन की सुरक्षा परत को सुरक्षित रखने के लिए तीन सूत्रीय कदम उठाने पर सहमति बनी थी। 

उसी बैठक के बाद सभी दक्षिण एशियाई देशों पर ओजोन परत को नुकसान पहुंचा रहे क्लोरो-फ्लोरो कार्बन (सीएफसी) का उत्सर्जन हर साल कम करने पर दबाव बढ़ता चला गया। मंगलवार को मीटिंग के दौरान एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन और इंडियन पालीयूरेथन एसोसिएशन ने ओजोन टू क्लाइमेट टेक्नोलोजी रोड शो के जरिए ओजोन फ्रेंडली तकनीक का प्रदर्शन किया।
 
13 निर्माताओं ने अपने उत्पाद पेश किए, जिसमें 200 से ज्यादा तकनीशियनों और ओजोन अधिकारियों ने समझा। ओजोन परत के लिए सुरक्षित मानी जाने वाली कई गैसों को एसी और रेफ्रिजरेशन में उपयोग किया गया। कंपनियों ने इनके बारे में जानकारी दी।
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