{"_id":"5f59b7f787d93f366067b5ca","slug":"oxygen-shortage-in-agra-increased-ambulance-fare","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"झारखंड में बंद ऑक्सीजन प्लांट ने बढ़ाई ताजनगरी के मरीजों की मुसीबतें, किल्लत से बढ़ा एंबुलेंस का किराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंड में बंद ऑक्सीजन प्लांट ने बढ़ाई ताजनगरी के मरीजों की मुसीबतें, किल्लत से बढ़ा एंबुलेंस का किराया
Thu, 10 Sep 2020 10:52 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 10 Sep 2020 10:52 AM IST
सार
एंबुलेंस ऑनर्स-चालक एसोसिएशन के प्रदेश सचिव रवि सिसौदिया ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर तीन गुने दामों पर खरीदना पड़ रहा
है। मरीज से ऑक्सीजन के बढ़े दामों को किराए में जोड़कर लेेना मजबूरी है। ऑक्सीजन नहीं मिलने से 30 एंबुलेंस चलानी बंद कर दी
हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
ऑक्सीजन की किल्लत के कारण शहर में 30 से अधिक एंबुलेंस बंद हो गई हैं। इनके लिए ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिल पाए थे। इतना ही नहीं। किल्लत के कारण ऑक्सीजन महंगी मिलने के कारण एंबुलेंस का किराया भी 20 से 30 फीसदी बढ़ा दिया गया है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत पहले से ही है।
जिले में 450 एंबुलेंस हैं, एक एंबुलेस में रोजाना चार से पांच सिलिंडर की खपत है, लेकिन इनको दो-तीन ही मिल पा रहे हैं। इस पर एंबुलेंस चालकों ने दो से तीन रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया भी बढ़ा दिया है।
एंबुलेंस ऑनर्स-चालक एसोसिएशन के प्रदेश सचिव रवि सिसौदिया ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर तीन गुने दामों पर खरीदना पड़ रहा है। मरीज से ऑक्सीजन के बढ़े दामों को किराए में जोड़कर लेेना मजबूरी है। ऑक्सीजन नहीं मिलने से 30 एंबुलेंस चलानी बंद कर दी हैं।
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जिले में 450 एंबुलेंस हैं, एक एंबुलेस में रोजाना चार से पांच सिलिंडर की खपत है, लेकिन इनको दो-तीन ही मिल पा रहे हैं। इस पर एंबुलेंस चालकों ने दो से तीन रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया भी बढ़ा दिया है।
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एंबुलेंस ऑनर्स-चालक एसोसिएशन के प्रदेश सचिव रवि सिसौदिया ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर तीन गुने दामों पर खरीदना पड़ रहा है। मरीज से ऑक्सीजन के बढ़े दामों को किराए में जोड़कर लेेना मजबूरी है। ऑक्सीजन नहीं मिलने से 30 एंबुलेंस चलानी बंद कर दी हैं।
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दो हजार रुपये अधिक देकर पांच घंटे बाद मिली एंबुलेंस : जितेंद्र शर्मा
इंद्रपुरी निवासी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके साढ़ू को अटैक पड़ गया, जिनको भगवान टॉकीज चौराहा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। यहां हालत में सुधार न होने पर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। 14 हजार रुपये में एंबुलेंस बुक कराई, ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में पांच घंटे लग गए, दो हजार रुपये और देने पर एंबुलेंस से मरीज को लेकर गए।
मरीजों को अस्पताल ले जाने में हो रही देरी
ऑक्सीजन की कमी होने पर एंबुलेंस ऑनर्स-चालक एसोसिएशन ने खंदारी में बैठक की, इमसें जिलाध्यक्ष कृष्णवीर सिंह ने बताया कि हाई सेंटर में मरीज ले जाने के लिए एंबुलेंस में तीन-चार सिलिंडर अतिरिक्त रखने होते हैं, लेकिन ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी से मरीजों को शिफ्टिंग में देरी हो रही है। काफी समय ऑक्सीजन के इंतजाम में लग रहा है। इस दौरान ताराचंद्र राठौर, सतेंद्र यादव, गौरव चौहान, रमाशंकर, दीपू सिंह मौजूद रहे।
डेढ़ गुनी कीमत पर खरीद रहे ऑक्सीजन
ऑक्सीजन गैस वितरक यूनीवर्सल गैस कंपनी के मैनेजर देवेश गौतम ने बताया कि ऑक्सीजन निर्माण प्लांट से ही ऑक्सीजन महंगी मिल रही है। खपत अधिक होने के कारण हमें भी डेढ़ गुना कीमत देनी पड़ रही है।
इंद्रपुरी निवासी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके साढ़ू को अटैक पड़ गया, जिनको भगवान टॉकीज चौराहा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। यहां हालत में सुधार न होने पर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। 14 हजार रुपये में एंबुलेंस बुक कराई, ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में पांच घंटे लग गए, दो हजार रुपये और देने पर एंबुलेंस से मरीज को लेकर गए।
मरीजों को अस्पताल ले जाने में हो रही देरी
ऑक्सीजन की कमी होने पर एंबुलेंस ऑनर्स-चालक एसोसिएशन ने खंदारी में बैठक की, इमसें जिलाध्यक्ष कृष्णवीर सिंह ने बताया कि हाई सेंटर में मरीज ले जाने के लिए एंबुलेंस में तीन-चार सिलिंडर अतिरिक्त रखने होते हैं, लेकिन ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी से मरीजों को शिफ्टिंग में देरी हो रही है। काफी समय ऑक्सीजन के इंतजाम में लग रहा है। इस दौरान ताराचंद्र राठौर, सतेंद्र यादव, गौरव चौहान, रमाशंकर, दीपू सिंह मौजूद रहे।
डेढ़ गुनी कीमत पर खरीद रहे ऑक्सीजन
ऑक्सीजन गैस वितरक यूनीवर्सल गैस कंपनी के मैनेजर देवेश गौतम ने बताया कि ऑक्सीजन निर्माण प्लांट से ही ऑक्सीजन महंगी मिल रही है। खपत अधिक होने के कारण हमें भी डेढ़ गुना कीमत देनी पड़ रही है।
हर दिन 1200 सिलेंडर की खपत
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया शहर में छह ऑक्सीजन सिलेंडर के सप्लायर हैं। 1500 सिलेंडर प्रति दिन क्षमता है। हर दिन करीब 1200 सिलेंडर ऑक्सीजन की खपत है। एक सिलेंडर करीब 300 रुपये कीमत है, जो किल्लत के कारण अब 400 से 500 रुपये हो गई है।
एक मरीज पर चाहिए 3 सिलेंडर
एक बड़े सिलेंडर में सात क्यूबिक मीटर गैस आती है। 24 घंटे में एक मरीज पर तीन सिलेंडर खर्च हो जाते हैं। सबसे ज्यादा जरूरत सांस रोगी और आईसीयू में भर्ती मरीजों को पड़ती है। एक अस्पताल में औसतन हर दिन 25 से 30 सिलेंडर की मांग है।
शासन स्तर पर चल रहे हैं प्रयास : डीएम
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि वह ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए लगातार शासन के संपर्क में हैं। प्राथमिकता पर इसका समाधान कराए जाने केप्रयास चल रहे हैं। आपूर्ति बहाल होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड के बोकारो जिले में ऑक्सीजन प्लांट है। वहीं से आगरा समेत समूचे प्रदेश में लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई होती है। इसे छोटे और बड़े दो तरह के सिलेंडरों में भरकर अस्पतालों में बेचा जाता है।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया शहर में छह ऑक्सीजन सिलेंडर के सप्लायर हैं। 1500 सिलेंडर प्रति दिन क्षमता है। हर दिन करीब 1200 सिलेंडर ऑक्सीजन की खपत है। एक सिलेंडर करीब 300 रुपये कीमत है, जो किल्लत के कारण अब 400 से 500 रुपये हो गई है।
एक मरीज पर चाहिए 3 सिलेंडर
एक बड़े सिलेंडर में सात क्यूबिक मीटर गैस आती है। 24 घंटे में एक मरीज पर तीन सिलेंडर खर्च हो जाते हैं। सबसे ज्यादा जरूरत सांस रोगी और आईसीयू में भर्ती मरीजों को पड़ती है। एक अस्पताल में औसतन हर दिन 25 से 30 सिलेंडर की मांग है।
शासन स्तर पर चल रहे हैं प्रयास : डीएम
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि वह ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए लगातार शासन के संपर्क में हैं। प्राथमिकता पर इसका समाधान कराए जाने केप्रयास चल रहे हैं। आपूर्ति बहाल होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड के बोकारो जिले में ऑक्सीजन प्लांट है। वहीं से आगरा समेत समूचे प्रदेश में लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई होती है। इसे छोटे और बड़े दो तरह के सिलेंडरों में भरकर अस्पतालों में बेचा जाता है।