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हाईअलर्ट: दिवाली पर उल्लुओं की तस्करी का खतरा, बीहड़ में वन विभाग की कड़ी चौकसी
Thu, 12 Nov 2020 07:30 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 12 Nov 2020 07:30 AM IST
सार
रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि चंबल के पुराने पेड़ों और कंदराओं में मौजूद उल्लू की तलाश में तस्करों के आने की संभावना के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया है। उल्लू के विचरण वाले इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
दिवाली पर उल्लू की तस्करी की आशंका देखते हुए वन विभाग ने चंबल सेंक्च्युअरी क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी है। अंधविश्वास के चक्कर में पिछले सालों में त्योहार पर उल्लू की बलि चढ़ाए जाने के मामले हो चुके हैं। तंत्रमंत्र के नाम पर बलि चढाने के लिए चंबल की कंदराओं में उल्लू की तलाश के लिए तस्करों के सक्रिय होने की आशंका है। बीहड पट्टी के ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ तस्करों पर भी वन विभाग नजर रख रहा है। चेताया है कि उल्लू पकड़ने वाले को जेल भेजा जाएगा।
हर साल दिवाली पर तांत्रिक तंत्र मंत्र में उल्लू की बलि से सम्पन्नता का अंधविश्वास फैलाते हैं। इसके लिए वजन, आकार, रंग, नाखून पंख के आधार पर उल्लू की कीमत दी जाती है। लाखों में बिकने वाले उल्लू की तस्करी के लिए चंबल क्षेत्र में हर साल तस्कर सक्रिय होते है। वन अधिनियम के तहत उल्लू संरक्षित प्रजाति है। शिकार दंडनीय अपराध है।
ये भी पढ़ें- श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामला: अदालत में पक्षकार बनने के लिए आए दो प्रार्थना पत्र
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रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि चंबल के पुराने पेड़ों और कंदराओं में मौजूद उल्लू की तलाश में तस्करों के आने की संभावना के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया है। उल्लू के विचरण वाले इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। राजस्थान से सटे रेहा से लेकर इटावा से लगे उदयपुर खुर्द तक बीहड के ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
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हर साल दिवाली पर तांत्रिक तंत्र मंत्र में उल्लू की बलि से सम्पन्नता का अंधविश्वास फैलाते हैं। इसके लिए वजन, आकार, रंग, नाखून पंख के आधार पर उल्लू की कीमत दी जाती है। लाखों में बिकने वाले उल्लू की तस्करी के लिए चंबल क्षेत्र में हर साल तस्कर सक्रिय होते है। वन अधिनियम के तहत उल्लू संरक्षित प्रजाति है। शिकार दंडनीय अपराध है।
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रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि चंबल के पुराने पेड़ों और कंदराओं में मौजूद उल्लू की तलाश में तस्करों के आने की संभावना के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया है। उल्लू के विचरण वाले इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। राजस्थान से सटे रेहा से लेकर इटावा से लगे उदयपुर खुर्द तक बीहड के ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।