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जन्माष्टमी पर चीन को सबसे बड़ा झटका, मथुरा में सारे आइटमों के आर्डर रद्द
पुनीत शर्मा/अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 05 Aug 2017 02:46 PM IST
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान
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इस बार भगवान कृष्ण के मंदिरों में जन्माष्टमी पर चाइनीज झालरों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मंदिरों को सजाने में किसी भी चाइनीज उपकरण का प्रयोग नहीं होगा। वहां के फूलों से भी सजावट नहीं की जाएगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश, बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन समेत सभी प्रमुख मंदिर प्रशासन ने इसका एलान कर दिया है।
जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के सभी मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जाता है। चार दिन पहले से ही सभी मंदिर रंग बिरंगी रोशनी से जगमगाते हैं। करोड़ों रुपया मंदिरों की सजावट पर खर्च हो जाता है। अभी तक चाइनीज झालरों से ही मंदिर सज रहे थे। लेकिन अब भारत और चीन के रिश्तों में आई कड़वाहट को देखते हुए सभी मंदिरों ने चाइनीज सामान के बहिष्कार का एलान कर दिया है।
मंदिर प्रशासन का कहना है वह अपने यहां के फूल और झालरों का ही प्रयोग करेंगे। क्योंकि सजावट का ठेका होता है लिहाजा ठेकेदारों से भी कह दिया गया है कि चाइनीज झालरों की जगह देसी झालर लगाई जाएं। इस बार चाइनीज फूलों का भी प्रयोग नहीं किया जा रहा है। दिल्ली से फूल आते हैं लिहाजा फूल कारोबारी से चाइनीज फूल न देने की बात कही गई है।
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श्री कृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी का कहना है कि लाइटिंग ठेकेदार से कह दिया गया है कि मंदिर में चाइनीज झालर या फिर सजावट के किसी दूसरे सामान का इस्तेमाल न किया जाए। द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी का कहना है कि भगवान के मंदिर में किसी भी चाइनीज सामान का प्रयोग जन्माष्टमी पर नहीं होने दिया जाएगा।
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जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के सभी मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जाता है। चार दिन पहले से ही सभी मंदिर रंग बिरंगी रोशनी से जगमगाते हैं। करोड़ों रुपया मंदिरों की सजावट पर खर्च हो जाता है। अभी तक चाइनीज झालरों से ही मंदिर सज रहे थे। लेकिन अब भारत और चीन के रिश्तों में आई कड़वाहट को देखते हुए सभी मंदिरों ने चाइनीज सामान के बहिष्कार का एलान कर दिया है।
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मंदिर प्रशासन का कहना है वह अपने यहां के फूल और झालरों का ही प्रयोग करेंगे। क्योंकि सजावट का ठेका होता है लिहाजा ठेकेदारों से भी कह दिया गया है कि चाइनीज झालरों की जगह देसी झालर लगाई जाएं। इस बार चाइनीज फूलों का भी प्रयोग नहीं किया जा रहा है। दिल्ली से फूल आते हैं लिहाजा फूल कारोबारी से चाइनीज फूल न देने की बात कही गई है।
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श्री कृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी का कहना है कि लाइटिंग ठेकेदार से कह दिया गया है कि मंदिर में चाइनीज झालर या फिर सजावट के किसी दूसरे सामान का इस्तेमाल न किया जाए। द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी का कहना है कि भगवान के मंदिर में किसी भी चाइनीज सामान का प्रयोग जन्माष्टमी पर नहीं होने दिया जाएगा।
जन्मस्थान पर दिलाई जाएगी शपथ
mathura
- फोटो : amar ujala
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा का कहना है कि इस बार जन्माष्टमी पर आने वाले भक्तों को स्वदेशी अपनाने की शपथ भी दिलाई जाएगी। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। जगह-जगह बैनर भी लगाया जाएगा। मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के चाइनीज आइटम का इस्तेमाल नहीं होगा।
वृंदावन के मंदिरों में भी चाइनीज उपकरण प्रतिबंधित
आस्था के सैलाब से जाम हुआ वृंदावन
- फोटो : Amar Ujala
प्रेम मंदिर, राधा दामोदर मंदिर और राधारमण मंदिर में भी चाइनीज सामान का उपयोग नहीं होगा। मंदिरों को सजाने के लिए अभी से ही देसी झालरों की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। मंदिरों के सेवायतों का कहना है कि किसी भी प्रकार का सामान प्रयोग नहीं होगा। जिले में पांच हजार मंदिरों में जन्माष्टमी की तैयारी की जा रही है। प्रमुख मंदिरों की लाइटिंग पर ही 5 करोड़ के करीब खर्च आ जाता है।