{"_id":"60c71ec5c61392576206427c","slug":"operations-expensive-in-private-hospitals-after-corona-virus-infection","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का असर: निजी अस्पतालों में महंगे हुए ऑपरेशन, 30 फीसदी तक बढ़ा खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का असर: निजी अस्पतालों में महंगे हुए ऑपरेशन, 30 फीसदी तक बढ़ा खर्च
Tue, 15 Jun 2021 09:58 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 15 Jun 2021 09:58 AM IST
सार
महामारी में खासतौर से दूसरी लहर के बाद इन ऑपरेशनों में 20 से 30 फीसदी खर्च बढ़ गया है। अब औसतन 32 से 42 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
सर्जरी करते डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना संक्रमण में निजी अस्पतालों में ऑपरेशन महंगे हो गए हैं। इनमें 30 फीसदी तक खर्चा बढ़ गया है। वहीं सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। कोरोना महामारी से पहले पथरी, हार्निया, अपेंडिक्स, बवासीर, सिजेरियन के ऑपरेशन का औसत खर्च 25 से 35 हजार रुपये था।
महामारी में खासतौर से दूसरी लहर के बाद इन ऑपरेशनों में 20 से 30 फीसदी खर्च बढ़ गया है। अब औसतन 32 से 42 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। कुल होने वाले ऑपरेशन में 60 से 70 फीसदी जनरल सर्जरी के ही रहते हैं।
डॉक्टरों ने बताई खर्च बढ़ने की वजह
- प्रति ऑपरेशन चार से पांच हजार रुपये पीपीई किट का खर्चा, एक पीपीई किट के लिए 800 से 1000 रुपये लिए जाते हैं।
- हर ऑपरेशन के बाद उपकरण, ओटी टेबिल समेत पूरे ऑपरेशन थिएटर कक्ष के सैनिटाइजेशन में 500 से 800 रुपये का खर्च।
- साफ-सफाई के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बढ़ाए गए, इस पर 300 से 500 रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं।
- ऑपरेशन से पहले बेहोशी के डॉक्टरों ने फीस में 500 से 1000 रुपये की बढ़ोत्तरी की। ऑपरेशन सहायकों ने भी 500 रुपये बढ़ाए।
- विजिट पर आने वाले डॉक्टरों की फीस भी बढ़ाई गई।
- दूरबीन विधि से होने वाले ऑपरेशनों में भी 30 फीसदी तक का खर्च बढ़ा है। लेकिन चिकित्सक गरीब और जरूरतमंद मरीज का रियायत पर भी ऑपरेशन कर रहे हैं।
जैसा कि सोसाइटी ऑफ एंडोस्कोपिक सर्जंस ऑफ आगरा के अध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा ने बताया
विज्ञापन
महामारी में खासतौर से दूसरी लहर के बाद इन ऑपरेशनों में 20 से 30 फीसदी खर्च बढ़ गया है। अब औसतन 32 से 42 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। कुल होने वाले ऑपरेशन में 60 से 70 फीसदी जनरल सर्जरी के ही रहते हैं।
विज्ञापन
डॉक्टरों ने बताई खर्च बढ़ने की वजह
- प्रति ऑपरेशन चार से पांच हजार रुपये पीपीई किट का खर्चा, एक पीपीई किट के लिए 800 से 1000 रुपये लिए जाते हैं।
- हर ऑपरेशन के बाद उपकरण, ओटी टेबिल समेत पूरे ऑपरेशन थिएटर कक्ष के सैनिटाइजेशन में 500 से 800 रुपये का खर्च।
- साफ-सफाई के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बढ़ाए गए, इस पर 300 से 500 रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं।
- ऑपरेशन से पहले बेहोशी के डॉक्टरों ने फीस में 500 से 1000 रुपये की बढ़ोत्तरी की। ऑपरेशन सहायकों ने भी 500 रुपये बढ़ाए।
- विजिट पर आने वाले डॉक्टरों की फीस भी बढ़ाई गई।
- दूरबीन विधि से होने वाले ऑपरेशनों में भी 30 फीसदी तक का खर्च बढ़ा है। लेकिन चिकित्सक गरीब और जरूरतमंद मरीज का रियायत पर भी ऑपरेशन कर रहे हैं।
जैसा कि सोसाइटी ऑफ एंडोस्कोपिक सर्जंस ऑफ आगरा के अध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा ने बताया
एहतियात के उपाय पर खर्च बढ़ा
ऑपरेशन में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में एहतियात के उपाय, साफ-सफाई प्रोटेक्शन, कोरोना की जांच समेत अन्य खर्च बढ़ गए हैं। इस कारण ऑपरेशन के खर्च में बढ़ोत्तरी हुई है। - डॉ. राजीव उपाध्याय, अध्यक्ष आईएमए
ऑपरेशन महामारी से पहले अब
पित्ती की पथरी 25-28 हजार रुपये 35 हजार रुपये
अपेंडिक्स 26-27 हजार रुपये 32 हजार रुपये
गुर्दे की पथरी 35 हजार रुपये 42 हजार रुपये
हार्नियां 28-30 हजार रुपये 35 हजार रुपये
पाइल्स 20 हजार रुपये 25 हजार रुपये
सामान्य प्रसव 8-10 हजार रुपये 12 हजार रुपये
सिजेरियन 30 हजार रुपये 35 हजार रुपये
प्रोस्टेट 30 हजार रुपये 35 हजार रुपये
- जैसा कि डॉ. सुनील शर्मा ने बताया।
सरकारी अस्पतालों में नहीं हो पा रहे ऑपरेशन
कोरोना की दूसरी लहर के कारण एसएन कॉलेज में अभी पथरी, अपेंडिक्स, हार्निया, पाइल्स समेत अन्य जनरल सर्जरी बंद हैं। यहां पर कैंसर और ब्लैक फंगस के ही ऑपरेशन हो पा रहे हैं। जिला अस्पताल में बीते सोमवार को सर्जरी की ओपीडी शुरू हुई है, लेकिन मोतियाबिंद और हड्डी के ही तीन-चार ऑपरेशन हो पाए हैं। जिला अस्पताल के एसआईसी और सर्जन डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि कोरोना का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। ऐसे में गंभीर हाल के ही ऑपरेशनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
अनलॉक: दो महीने बाद 16 जून को खुलेगा ताजमहल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने जारी की सूचना
ऑपरेशन में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में एहतियात के उपाय, साफ-सफाई प्रोटेक्शन, कोरोना की जांच समेत अन्य खर्च बढ़ गए हैं। इस कारण ऑपरेशन के खर्च में बढ़ोत्तरी हुई है। - डॉ. राजीव उपाध्याय, अध्यक्ष आईएमए
ऑपरेशन महामारी से पहले अब
पित्ती की पथरी 25-28 हजार रुपये 35 हजार रुपये
अपेंडिक्स 26-27 हजार रुपये 32 हजार रुपये
गुर्दे की पथरी 35 हजार रुपये 42 हजार रुपये
हार्नियां 28-30 हजार रुपये 35 हजार रुपये
पाइल्स 20 हजार रुपये 25 हजार रुपये
सामान्य प्रसव 8-10 हजार रुपये 12 हजार रुपये
सिजेरियन 30 हजार रुपये 35 हजार रुपये
प्रोस्टेट 30 हजार रुपये 35 हजार रुपये
- जैसा कि डॉ. सुनील शर्मा ने बताया।
सरकारी अस्पतालों में नहीं हो पा रहे ऑपरेशन
कोरोना की दूसरी लहर के कारण एसएन कॉलेज में अभी पथरी, अपेंडिक्स, हार्निया, पाइल्स समेत अन्य जनरल सर्जरी बंद हैं। यहां पर कैंसर और ब्लैक फंगस के ही ऑपरेशन हो पा रहे हैं। जिला अस्पताल में बीते सोमवार को सर्जरी की ओपीडी शुरू हुई है, लेकिन मोतियाबिंद और हड्डी के ही तीन-चार ऑपरेशन हो पाए हैं। जिला अस्पताल के एसआईसी और सर्जन डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि कोरोना का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। ऐसे में गंभीर हाल के ही ऑपरेशनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
अनलॉक: दो महीने बाद 16 जून को खुलेगा ताजमहल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने जारी की सूचना