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ललित कला संस्थान में 200 छात्रों पर सिर्फ दो शिक्षक
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां पर 200 से अधिक छात्रों पर सिर्फ दो शिक्षक है, जबकि छह शिक्षकों की और जरूरत है। छात्रों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुछ महीनों बाद परीक्षाएं भी होंगी, जिससे अंकों पर भी असर पड़ेगा।
ललित कला संस्थान में बीएफए (बैचलर ऑफ फाइन आर्ट) और एमएफए (मास्टर ऑफ फाइन आर्ट) पाठ्यक्रम चल रहे है। बीएफए चार साल का और एमएफए दो साल का है। इनमें 200 से अधिक छात्र हैं। इनमें व्यवहारिक कला, चित्रकला, संगीत और मूर्ति कला ब्रांच हैं। इनमें दो-दो शिक्षक समेत आठ शिक्षकों की जरूरत है, अभी दो ही शिक्षक अध्यापन करा रहे हैं। बाकी के विषयों के शिक्षक नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इससे कोर्स पिछड़ जाएगा।
सेल्फ फाइनेंस ललित कला संस्थान में शिक्षकों के स्वीकृत पद नहीं थे, उनको वित्तीय औचित्य निर्धारण समिति के आधार पर पद स्वीकृत कर दिए हैं, इनका वित्तीय समिति में प्रस्ताव पास भी हो गया है। कार्य परिषद की मंजूरी के बाद अध्यापन के लिए विषय विशेषज्ञ रखे जाएंगे। - प्रो. प्रदीप श्रीधर, पीआरओ विश्वविद्यालय
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नवंबर भी खत्म होने को है, लेकिन शिक्षकों की कमी है, यहां आठ शिक्षक होने चाहिए, लेकिन दो ही शिक्षक हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार निदेशक से भी शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर चुके हैं। - राजीव कुमार, बीएफए द्वितीय वर्ष
- एमएफए द्वितीय वर्ष का छात्र हूं, फोटोग्राफी के शिक्षक नहीं हैं। इससे पढ़ाई नहीं हो पा रही, इससे परीक्षा में भी अंक प्रभावित होंगे। शिक्षकों की नियुक्ति हो जाए तो छात्रों का भला होगा। - शुभम चौधरी, एमएफए द्वितीय वर्ष
संगीत के शिक्षक नहीं है, इससे संगीत की बारीकियां नहीं सीख पा रहे हैं। चार साल का कोर्स है, दूसरी साल में आ गया हूं, शिक्षक आ जाएं तो संगीत का अभ्यास भी कर सकेंगे। - अनुज बघेल, बीएफए द्वितीय वर्ष
एमएफए के डिजिटल ब्रांच के शिक्षक नहीं हैं, यही कहा जा रहा है कि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति होगी। पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है, ऐसे में जल्द शिक्षक आ जाएं तो पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।- प्रियांशी शर्मा, एमएफए द्वितीय वर्ष
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ललित कला संस्थान में बीएफए (बैचलर ऑफ फाइन आर्ट) और एमएफए (मास्टर ऑफ फाइन आर्ट) पाठ्यक्रम चल रहे है। बीएफए चार साल का और एमएफए दो साल का है। इनमें 200 से अधिक छात्र हैं। इनमें व्यवहारिक कला, चित्रकला, संगीत और मूर्ति कला ब्रांच हैं। इनमें दो-दो शिक्षक समेत आठ शिक्षकों की जरूरत है, अभी दो ही शिक्षक अध्यापन करा रहे हैं। बाकी के विषयों के शिक्षक नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इससे कोर्स पिछड़ जाएगा।
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सेल्फ फाइनेंस ललित कला संस्थान में शिक्षकों के स्वीकृत पद नहीं थे, उनको वित्तीय औचित्य निर्धारण समिति के आधार पर पद स्वीकृत कर दिए हैं, इनका वित्तीय समिति में प्रस्ताव पास भी हो गया है। कार्य परिषद की मंजूरी के बाद अध्यापन के लिए विषय विशेषज्ञ रखे जाएंगे। - प्रो. प्रदीप श्रीधर, पीआरओ विश्वविद्यालय
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नवंबर भी खत्म होने को है, लेकिन शिक्षकों की कमी है, यहां आठ शिक्षक होने चाहिए, लेकिन दो ही शिक्षक हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार निदेशक से भी शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर चुके हैं। - राजीव कुमार, बीएफए द्वितीय वर्ष
- एमएफए द्वितीय वर्ष का छात्र हूं, फोटोग्राफी के शिक्षक नहीं हैं। इससे पढ़ाई नहीं हो पा रही, इससे परीक्षा में भी अंक प्रभावित होंगे। शिक्षकों की नियुक्ति हो जाए तो छात्रों का भला होगा। - शुभम चौधरी, एमएफए द्वितीय वर्ष
संगीत के शिक्षक नहीं है, इससे संगीत की बारीकियां नहीं सीख पा रहे हैं। चार साल का कोर्स है, दूसरी साल में आ गया हूं, शिक्षक आ जाएं तो संगीत का अभ्यास भी कर सकेंगे। - अनुज बघेल, बीएफए द्वितीय वर्ष
एमएफए के डिजिटल ब्रांच के शिक्षक नहीं हैं, यही कहा जा रहा है कि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति होगी। पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है, ऐसे में जल्द शिक्षक आ जाएं तो पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।- प्रियांशी शर्मा, एमएफए द्वितीय वर्ष