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स्मार्ट सिटी बनने की राह पर ताजनगरी का एक और कदम, आज से शुरू हो रही नई पहल

Wed, 16 Oct 2019 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 16 Oct 2019 12:03 AM IST
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One more step of Agra on becoming smart city
आगरा नगर निगम
आगरा के 100 में से 52 वार्डों के 99,450 घरों में बुधवार से जब भी कूड़ा उठाया जाएगा तो मकान मालिक के मोबाइल पर मैसेज आएगा कि कूड़ा उठाया जा चुका है। घर से कूड़ा उठाने गई टीम गेट पर लगे आरएफआईडी टैग को रेडियो फ्रीक्वेंसी रीडर से स्कैन करेगी। स्कैन करते ही एक मैसेज मोबाइल पर और दूसरा नगर निगम के मोबाइल एप पर आ जाएगा। 
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नगर निगम ने मंगलवार को सेनेटरी इंस्पेक्टर और कर्मचारियों को 305 आरएफआईडी रीडर बांटे हैं, जिनका इस्तेमाल बुधवार से शुरू हो जाएगा। इससे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में हो रही गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। 
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नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने अपर नगर आयुक्त केबी सिंह, पर्यावरण अभियंता राजीव राठी के साथ नगर निगम सदन कक्ष में सेनेटरी इंस्पेक्टरों, सुपरवाइजरों को आरएफआईडी टैग को स्कैन करने की ट्रेनिंग दी। इसके बाद रीडर टीम को दिए गए। हर रीडर से 800 घरों के टैग स्कैन किए जाएंगे। 
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नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि हम शहर को डलावघर और डस्टबिन से मुक्त करने जा रहे हैं। घर से कूड़ा उठे, इसलिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। कूड़ा घर से लिया गया या नहीं, इसका ब्योरा अब उपलब्ध होगा। शहर के सभी 3.50 लाख घरों के गेट पर स्मार्ट टैग लगाया जा रहा है, जिसे कूड़ा कलेक्शन के बाद सीवर और गृहकर से भी जोड़ा जाएगा।

आरएफआईडी टैग टूटा तो 100 रुपये देने होंगे

स्मार्ट सिटी के तहत घर-घर से कूड़ा एकत्र करने के लिए घर के बाहर आरएफआईडी टैग लगाए जा रहे हैं। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि यदि यह टैग टूटा तो दोबारा लगवाने के लिए लोगों को 100 रुपये का भुगतान करना होगा। हर श्रेणी के घर, व्यावसायिक भवन के लिए कूड़ा उठाने की दर तय है।

दिवाली बाद शुरू होगा 300 मीट्रिक टन प्लांट

दिवाली के बाद गीले कूड़े की प्रोसेसिंग कर खाद बनाने वाला 300 मीट्रिक टन क्षमता का एक और प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर बन चुके इस प्लांट के बाद घर से जो कूड़ा एकत्र किया जाएगा वह शहर में मौजूद ट्रांसफर स्टेशनों से सीधे कुबेरपुर पहुंचाया जाएगा। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश के मुताबिक छह जगहों पर सूखे कूड़े की प्रोसेसिंग हो रही है, जबकि चार जगह 35 मीट्रिक टन गीले कूड़े से खाद बनाई जा रही है।

कूड़ा उठाने का ये है शुल्क

श्रेणी               रुपये प्रतिमाह
ईडब्ल्यूएस मकान   --  50 
चाय की दुकान        --   60
200 वर्ग गज तक   --   70
सब्जी फल विक्रेता  --  250
चलती फिरती वैन   -- 830
मांस-मछली विक्रेता  --   830
रेस्टोरेंट                 --  1900
होटल 20 बेड तक   -- 3160
होटल 40 बेड तक   -- 4400
होटल 100 बेड तक  --  7700
धर्मशाला           -- 60 रुपये प्रति कमरा
मिठाई की दुकान  --  630
मॉल बहुमंजिला   -- 16,500
सिनेमा हॉल         --   1270
फैक्टरी, मैरिज होम  --  2 रुपये किग्रा प्रतिदिन
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