मैनपुरी: वारंटी युवक निकला संक्रमित, कोविड अस्पताल में भर्ती, तीन दिन में मिला दूसरा मरीज
मैनपुरी जिले में एक और कोरोना संक्रमित मिला है। यह मरीज वारंटी युवक है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल भेजने से पहले उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
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मैनपुरी जिले में कोरोना संक्रमण के मरीज फिर से मिलने लगे हैं। पिछले तीन दिनों में दो संक्रमित मिले हैं। इनमें एक पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया वारंटी है। संक्रमित वारंटी को जेल प्रशासन ने लेने से मना कर दिया है। उसे कोविड लेवल टू अस्पताल से कोविड लेवल-1 अस्पताल भोगांव में भर्ती कराया गया है।
नगर के पावर हाउस रोड निवासी संजय एक मामले में वारंटी है। रेलवे गेट पुलिस चौकी के एसआई केपी सिंह, कांस्टेबल दीपक कुमार और कांस्टेबल मेहुल शर्मा ने शनिवार को संजय को उसके घर से गिरफ्तार किया। जेल भेजने से पहले उसकी एंटीजन जांच कराई गई। रविवार को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई।
संक्रमित में नहीं दिख रहे लक्षण
पुलिस जब उसे लेकर जेल पहुंची तो जेल प्रशासन ने उसे लेने से मना कर दिया। जेल में तैनात डॉक्टर नित्यानंद ने संजय को कोविड लेवल टू अस्पताल भेजा। कोविड लेवल टू अस्पताल से संजय को रविवार की दोपहर यह कहते हुए कोविड लेवल-1 भोगांव भेज दिया गया कि संजय में अभी कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं।
ऐसे में उसे कोविड लेवल-1 में भेजा जाए। शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे संजय को जिला अस्पताल स्थित कोविड लेवल टू अस्पताल से कोविड लेवल-1 भोगांव में भर्ती कराया गया है। वहीं 31 दिसंबर की रात कोरोना संक्रमित मिले कस्बा घिरोर निवासी एक अन्य संक्रमित को होम आइसोलेट किया गया है।
भोगांव पहुंचते ही सक्रिय हुआ विभाग
संजय निवासी पावर हाउस रोड मैनपुरी को एंटीजन जांच में कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद कोविड लेवल-1 भोगांव में भर्ती कराया गया है। कोविड लेवल-1 के प्रभारी डॉ. शंभु सिंह ने बताया कि संजय को यहां भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। चिकित्साधीक्षक डॉ. शंभु सिंह ने बताया कि एंबुलेंस और संजय को सैनिटाइज कराने के बाद भर्ती कराया गया है।
जिला कारागार में बढ़ाई गई सख्ती
कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद सरकार की ओर से पाबंदियां लागू की गईं हैं। इसी क्रम में जिला कारागार में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। आने वाले बंदी को 14 दिन क्वारंटीन रखने के बाद बैरक में प्रवेश कर सकेंगे। जेल प्रशासन की ओर से बैरकों का सैनिटाइज किया गया है।
जेलर पवन कुमार त्रिवेदी ने बताया कि बिना कोरोना जांच रिपोर्ट किसी भी बंदी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जेल में प्रवेश से पहले भी जांच होगी, इसके साथ ही 14 दिन तक बंदी को अस्थाई क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। इस दौरान वह लगातार चिकित्सक के निगरानी में रहेगा।
रिपोर्ट सही आने पर ही 14 दिन बाद उसे बैरक में भेजा जाएगा। बंदियों के बीच कोई संक्रमित न पहुंच सके, इसको लेकर भी सर्तकता बरती जा रही है। सभी को मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है, वहीं सामाजिक दूरी का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।