{"_id":"5b2a01d64f1c1b614d8b74dd","slug":"officers-not-interested-in-two-development-scheme-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"CM योगी आदित्यनाथ ने की थी घोषणा, कागज पर ही सिमट गईं ये योजनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CM योगी आदित्यनाथ ने की थी घोषणा, कागज पर ही सिमट गईं ये योजनाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 21 Jun 2018 09:41 AM IST
विज्ञापन
सीएम सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पर्यटन को बढ़ावा देने वाली प्रदेश सरकार की दो महत्वपूर्ण योजनाएं हेलीकॉप्टर सेवा और रिवर फ्रंट योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही हैं।
हेलीकॉप्टर सेवा के लिए जमीन की व्यवस्था नहीं हो पा रही और रिवर फ्रंट पर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इसकी घोषणा की थी।
हेलीकॉप्टर से आगरा भ्रमण की घोषणा काफी पहले हो चुकी है। मगर, इस योजना को मूर्त रूप देने में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे।
विज्ञापन
हेलीकॉप्टर सेवा के लिए जमीन की व्यवस्था नहीं हो पा रही और रिवर फ्रंट पर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इसकी घोषणा की थी।
हेलीकॉप्टर से आगरा भ्रमण की घोषणा काफी पहले हो चुकी है। मगर, इस योजना को मूर्त रूप देने में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे।
demo pic
- फोटो : amar ujala
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक साल में हेलीपैड के लिए जमीन की तलाश नहीं कर पाए हैं। पहले ताजमहल के पार्श्व में ग्यारह सीढ़ी के पास जमीन देखी गई।
मगर ताजमहल के प्रतिबंधित दायरे में होने के कारण इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद नए सिरे से फिर से कवायद की गई।
जिस पर इनर रिंग रोड और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के बीच में यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की जमीन देखी गई।
मगर ताजमहल के प्रतिबंधित दायरे में होने के कारण इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद नए सिरे से फिर से कवायद की गई।
जिस पर इनर रिंग रोड और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के बीच में यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की जमीन देखी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये थी योजना
मगर, इसमें जगह कम होने का अड़ंगा लग गया। तब से यह योजना को किनारे कर दिया गया। इस योजना के तहत हेलीकॉप्टर से ताजमहल, आगरा किला सहित अन्य शहरों का हवाई भ्रमण कराना था।
इधर, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी ताजमहल के पार्श्व में यमुना के रिवर फ्रंट को विकसित करने की कोई रूपरेखा तय नहीं हो सकी है। इसकी डीपीआर तो दूर, अब तक इसका स्थान ही तय नहीं हो सका।
इधर, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी ताजमहल के पार्श्व में यमुना के रिवर फ्रंट को विकसित करने की कोई रूपरेखा तय नहीं हो सकी है। इसकी डीपीआर तो दूर, अब तक इसका स्थान ही तय नहीं हो सका।