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आगरा : चंबल नदी में छोड़ गए 481 नन्हे मगरमच्छ, छह साल में दोगुनी हुई संख्या
Mon, 12 Jul 2021 12:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 12 Jul 2021 12:09 AM IST
सार
मगरमच्छ का कुनबा चंबल नदी में तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार इस नदी में मगरमच्छ की संख्या छह साल में बढ़कर दो गुनी हो गई है।
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चंबल नदी में मगरमच्छ के बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
घड़ियालों के बाद चंबल नदी की बाह रेंज में मगरमच्छों की हैचिंग पूरी हो गई है। इस साल रिकार्ड हैचिंग में जन्मे 481 नन्हे मेहमान चंबल के कुनबे में शामिल हो गए हैं। पिछले साल महज 163 शिशुओं का जन्म हुआ था।
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बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि अप्रैल-मई में घड़ियालों के साथ ही मगरमच्छ की नेस्टिंग हुई थी। नेस्टों में अंडों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए वन विभाग ने जाली लगा दी थी। जीपीएस से लोकेशन को ट्रेस की गई थी।
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उन्होंने बताया कि चंबल नदी की बाह रेंज में 12 नेस्टों से कुल 481 मगरमच्छ शिशुओं का जन्म हुआ है। रेंज के रेहा, कछियारा, क्योरी, हरलाल पुरा, गुढ़ा, रानी पुरा, मऊ, मुकुटपुरा, गोहरा, बिट्ठौना में हैचिंग हुई है। पिछले साल महज 4 नेस्ट मिले थे। जिनसे 163 शिशुओं का जन्म हुआ था।
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छह साल में बढ़कर दोगुने हुए मगरमच्छ
मगरमच्छ का कुनबा चंबल नदी में तेजी से बढ़ रहा है। वार्षिक गणना रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में 454, 2017 में 562, 2018 में 613, 2019 में 706, 2020 में 710, 2021 में 882 मगरमच्छ चंबल नदी में मिले थे। रिपोर्ट के अनुसार मगरमच्छ का कुनबा 6 साल में बढ़कर दो गुना हो गया है।