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फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण: अब लखनऊ एसटीएफ करेगी जांच...83 दिन में नहीं हुई थी कोई कार्रवाई, निकलवाए रिकाॅर्ड

Sun, 17 Aug 2025 11:04 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: अरुन पाराशर Updated Sun, 17 Aug 2025 11:04 AM IST
सार

केस दर्ज होने के बाद विवेचना एसटीएफ आगरा यूनिट को दी गई थी। विवेचक निरीक्षक हुकुम सिंह नियुक्त किए गए। इस मामले में इसके बाद कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब जांच को लखनऊ एसटीएफ को साैंप दिया गया है।

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Now Lucknow STF will investigate fake arms license case
फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियार के मामले में एसटीएफ आगरा यूनिट ने शुरू से लापरवाही बरती। इसी का नतीजा है कि विवेचना लखनऊ एसटीएफ को दे दी गई है। इससे पूर्व विवेचक हुकुम सिंह 83 दिन में भी कोई कार्रवाई नहीं कर सके। हाईकोर्ट ने मामले में 90 दिन में विवेचना पूर्ण कर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
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एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने थाना नाई की मंडी में 24 मई को धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट की धारा में केस दर्ज कराया था। इसमें मोहम्मद जैद, नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद, मीडिया कर्मी शोभित चतुर्वेदी, राजेश कुमार बघेल, प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र सारस्वत, उसके पिता शिव कुमार सारस्वत और सेवानिवृत असलहा बाबू संजय कपूर को नामजद किया गया।
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आरोप लगाया गया कि फर्जी तरीके से शस्त्र लिए गए और लाइसेंस में भी फर्जीवाड़ा किया गया। केस दर्ज होने के बाद विवेचना एसटीएफ आगरा यूनिट को दी गई। विवेचक निरीक्षक हुकुम सिंह नियुक्त किए गए। पूर्व में इस मामले में एक पीड़ित विशाल भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी।

 
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इसके बाद जांच एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा को दी गई। उन्होंने 9 महीने तक साक्ष्य जुटाने के बाद शासन को रिपोर्ट दी थी। इसके बाद ही केस दर्ज हुआ। इसके बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ सकी। आरोपी हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने एक आरोपी को छोड़कर अन्य को गिरफ्तारी से राहत दी।

 
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उधर, विवेचना मिलने के बाद निरीक्षक हुकुम सिंह बीमार पड़ गए। इससे कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। मामले की शिकायत अधिकारियों से की गई। इसके बाद विवेचना को एसटीएफ लखनऊ को दिया गया है। इस बार विवेचक शैलेंद्र सिंह बनाए गए हैं। उन्होंने विवेचना ग्रहण कर ली है। संबंधित साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने रिकॉर्ड निकलवाए हैं। आरोपियों को नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने भी दर्ज कराया था केस
इस मामले में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष श्याम भदौरिया ने भी एक केस दर्ज कराया था। इसमें शिव कुमार सारस्वत को नामजद किया था। आरोप लगाया कि शिव कुमार ने पिस्तौल बेची थी। इसके भी अवैध होने की आशंका है।
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