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नोटा का खूब चला सोटा
नोटा का खूब चला सोटा
Updated Mon, 13 Mar 2017 12:03 AM IST
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NOTA in PU Election
- फोटो : अमर उजाला
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इस विधानसभा चुनाव के परिणाम कई मायनों में चौंकाने वाले रहे। 121 प्रत्याशियों में से सिर्फ 38 प्रत्याशी ही ऐसे निकले जो नोटा (नन ऑफ द एबव) से जीत पाए, वरना 83 प्रत्याशियों को तो नोटा से भी कम वोट मिले। इसमें सबसे ज्यादा संख्या दक्षिण विधानसभा सीट के प्रत्याशियों की रही। यहां 26 प्रत्याशियों में से 21 को नोटा से कम वोट मिले।
जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर नोटा पर 13,703 वोट पड़े। हर विधानसभा में ऐसे तमाम मतदाता थे, जिन्हें अपने क्षेत्र का कोई प्रत्याशी पसंद नहीं था। इसमें बाह विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सबसे अधिक थे। यही वजह थी कि जिले में सबसे कम जीत का अंतर भी इसी सीट पर था। हालांकि इस सीट पर कई दिग्गज चुनावी मैदान में थे। भाजपा से पक्षालिका सिंह, बसपा से मधुसूदन शर्मा, सपा से अंशुरानी, रालोद से सुधीर दुबे सहित 15 प्रत्याशी चुनाव लड़े। इसके बावजूद क्षेत्र के बहुत से मतदाताओं को इनमें से कोई पसंद नहीं आया। जबकि न तो पक्षालिका सिंह इस क्षेत्र के लिए नई थीं और न ही मधुसूदन। बता दें कि इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर क्षेत्र के प्रत्याशियों के बाद एक बटन नोटा का भी होता है। कोई प्रत्याशी पसंद न आने की स्थिति में चुनाव आयोग ने इस बटन के उपयोग का प्रावधान किया है।
विधानसभा कुल प्रत्याशी इतने प्रत्याशियों को मिले नोटा से कम वोट नोटा के वोट
एत्मादपुर 15 10 1872
छावनी 14 10 1185
दक्षिण 26 21 753
उत्तर 15 11 1266
ग्रामीण 9 5 1856
सीकरी 7 3 1864
खेरागढ़ 14 8 1223
फतेहाबाद 7 4 1470
बाह 14 11 2214
दक्षिण पर 23 प्रत्याशियों को
आठ हजार वोट भी नहीं मिले
दक्षिण विधानसभा सीट पर इस बार सबसे अधिक (26) प्रत्याशी थे। मगर, सिर्फ तीन प्रत्याशी ही तीन अंकों से अधिक अंकों के वोट हासिल कर सके। यहां कुल 2,17,225 वोट पड़े। इसमें से भाजपा के योगेंद्र उपाध्याय, बसपा के जुल्फिकार अहमद भुट्टो और कांग्रेस के नजीर अहमद ने मिलकर 2,08,973 वोट मिले। जबकि बाकी 23 प्रत्याशियों को 7499 वोट मिले। कुछ को तो दो सौ वोट भी नहीं मिले। ऑल इंडिया मजलिस एक इत्तेहादुल मुस्लमीन के प्रत्याशी इदरीश को मात्र 232 ही वोट मिले।
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जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर नोटा पर 13,703 वोट पड़े। हर विधानसभा में ऐसे तमाम मतदाता थे, जिन्हें अपने क्षेत्र का कोई प्रत्याशी पसंद नहीं था। इसमें बाह विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सबसे अधिक थे। यही वजह थी कि जिले में सबसे कम जीत का अंतर भी इसी सीट पर था। हालांकि इस सीट पर कई दिग्गज चुनावी मैदान में थे। भाजपा से पक्षालिका सिंह, बसपा से मधुसूदन शर्मा, सपा से अंशुरानी, रालोद से सुधीर दुबे सहित 15 प्रत्याशी चुनाव लड़े। इसके बावजूद क्षेत्र के बहुत से मतदाताओं को इनमें से कोई पसंद नहीं आया। जबकि न तो पक्षालिका सिंह इस क्षेत्र के लिए नई थीं और न ही मधुसूदन। बता दें कि इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर क्षेत्र के प्रत्याशियों के बाद एक बटन नोटा का भी होता है। कोई प्रत्याशी पसंद न आने की स्थिति में चुनाव आयोग ने इस बटन के उपयोग का प्रावधान किया है।
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विधानसभा कुल प्रत्याशी इतने प्रत्याशियों को मिले नोटा से कम वोट नोटा के वोट
एत्मादपुर 15 10 1872
छावनी 14 10 1185
दक्षिण 26 21 753
उत्तर 15 11 1266
ग्रामीण 9 5 1856
सीकरी 7 3 1864
खेरागढ़ 14 8 1223
फतेहाबाद 7 4 1470
बाह 14 11 2214
दक्षिण पर 23 प्रत्याशियों को
आठ हजार वोट भी नहीं मिले
दक्षिण विधानसभा सीट पर इस बार सबसे अधिक (26) प्रत्याशी थे। मगर, सिर्फ तीन प्रत्याशी ही तीन अंकों से अधिक अंकों के वोट हासिल कर सके। यहां कुल 2,17,225 वोट पड़े। इसमें से भाजपा के योगेंद्र उपाध्याय, बसपा के जुल्फिकार अहमद भुट्टो और कांग्रेस के नजीर अहमद ने मिलकर 2,08,973 वोट मिले। जबकि बाकी 23 प्रत्याशियों को 7499 वोट मिले। कुछ को तो दो सौ वोट भी नहीं मिले। ऑल इंडिया मजलिस एक इत्तेहादुल मुस्लमीन के प्रत्याशी इदरीश को मात्र 232 ही वोट मिले।
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