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रेलवे की रफ्तार को पहले दिन ही झटका, नहीं मिली हरी झंडी
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कासगंज का रेलवे स्टेशन
- फोटो : KASGANJ
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लॉकडाउन में अनारक्षित ट्रेनें चलाए जाने की तैयारी पहले दिन ही आधी अधूरी रह गई। रेलवे की रफ्तार को पहले ही दिन झटका लगा और अब सोमवार से ट्रेनें नहीं चलेंगी। स्थानीय अफसरों ने अब नया प्रस्ताव तैयार किया है। जिसमें 4 मार्च से ट्रेनें चलाया जाना प्रस्तावित है।
11 महीने पहले कोरोना काल में रेलवे के चक्के थम गए। अनलॉक में धीमे धीमे कासगंज जंक्शन स्टेशन से पांच जोड़ी साप्ताहिक और त्रिसाप्ताहिक एवं दो जोड़ी दैनिक स्पेशल ट्रेंने चलीं। यह सभी आरक्षित ट्रेने हैं। छोटी दूरी के स्टेशनों तक इन ट्रेनों से यात्रा आसान नहीं है। लंबे समय से यात्री कासगंज से बरेली, मथुरा और कानपुर की ओर अनारक्षित ट्रेनों के संचालन की मांग कर रहे थे।
रेलवे ने उनकी मांग पर विचार किया। रेलवे बोर्ड ने हरी झंडी दे दी। रेलवे के अधिकारियों ने बोर्ड को समय सारिणी और तिथि का प्रस्ताव भेजा। 1 मार्च से ट्रेनें चलना प्रस्तावित थीं लेकिन अंत समय में प्रस्ताव ही बदल गया। अब 4 मार्च से ट्रेनें चलाए जाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। ऐसे में अब नए प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने का इंतजार है। उसके बाद ही कासगंज जंक्शन स्टेशन से मथुरा, बरेली, कानपुर की ओर अनारक्षित ट्रेनें रफ्तार भरेंगी।
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वर्जन-
- 1 मार्च से ट्रेनें चलना प्रस्तावित था, लेकिन प्रस्ताव में बदलाव हो गया है। अब 4 मार्च से अनारक्षित ट्रेनें चलाया जाना प्रस्तावित है। उच्चाधिकारियों के निर्देशों का इंतजार है। - अभिषेक कुमार, स्टेशन अधीक्षक।
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11 महीने पहले कोरोना काल में रेलवे के चक्के थम गए। अनलॉक में धीमे धीमे कासगंज जंक्शन स्टेशन से पांच जोड़ी साप्ताहिक और त्रिसाप्ताहिक एवं दो जोड़ी दैनिक स्पेशल ट्रेंने चलीं। यह सभी आरक्षित ट्रेने हैं। छोटी दूरी के स्टेशनों तक इन ट्रेनों से यात्रा आसान नहीं है। लंबे समय से यात्री कासगंज से बरेली, मथुरा और कानपुर की ओर अनारक्षित ट्रेनों के संचालन की मांग कर रहे थे।
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रेलवे ने उनकी मांग पर विचार किया। रेलवे बोर्ड ने हरी झंडी दे दी। रेलवे के अधिकारियों ने बोर्ड को समय सारिणी और तिथि का प्रस्ताव भेजा। 1 मार्च से ट्रेनें चलना प्रस्तावित थीं लेकिन अंत समय में प्रस्ताव ही बदल गया। अब 4 मार्च से ट्रेनें चलाए जाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। ऐसे में अब नए प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने का इंतजार है। उसके बाद ही कासगंज जंक्शन स्टेशन से मथुरा, बरेली, कानपुर की ओर अनारक्षित ट्रेनें रफ्तार भरेंगी।
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- 1 मार्च से ट्रेनें चलना प्रस्तावित था, लेकिन प्रस्ताव में बदलाव हो गया है। अब 4 मार्च से अनारक्षित ट्रेनें चलाया जाना प्रस्तावित है। उच्चाधिकारियों के निर्देशों का इंतजार है। - अभिषेक कुमार, स्टेशन अधीक्षक।